मोदी कल पश्चिम बंगाल जाएंगे, योग दिवस के साथ-साथ पश्चिम बंगाल दिवस में भी होंगे शामिल

नयी दिल्ली 19 जून (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल की दो दिन की दौरे पर जाएंगे जहां वह पश्चिम बंगाल दिवस के साथ-साथ योग दिवस समारोह में भी शामिल होंगे।

श्री मोदी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 23वीं किस्त के अंतर्गत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में सीधे 18,880 करोड़ से अधिक राशि हस्तांतरित करने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। वह पश्चिम बंगाल में अनेक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, राष्ट्र को समर्पण तथा शिलान्यास करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय में शुक्रवार को बताया कि श्री मोदी कल करीब पौने चार बजे हुगली जिले के तारकेश्वर में पश्चिमबंग दिवस (पश्चिम बंगाल दिवस) समारोह में भाग लेंगे। वह पश्चिम बंगाल में अनेक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, राष्ट्र को समर्पण तथा शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

रविवार को प्रधानमंत्री सुबह साढ़े छह बजे कोलकाता में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लेंगे। इस अवसर पर वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

इसके बाद लगभग प्रधानमंत्री श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह, कोलकाता में देश में ही निर्मित तीन नौसैनिक पोतों आईएनएस दुनागिरि, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय को नौसेना में शामिल करेंगे। इस अवसर पर वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

इस वर्ष के पश्चिमबंग दिवस का विषय “पश्चिम बंगाल: विरासत, सद्भाव और विकास” है, जो राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि, सामाजिक एकता और विकास संबंधी आकांक्षाओं को दर्शाता है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री अनेक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, राष्ट्र को समर्पण तथा शिलान्यास करेंगे। रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन क्षेत्रों से संबंधित ये पहलें आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करेंगी, आजीविका में सुधार लाएँगी, किसानों के कल्याण को बढ़ावा देंगी तथा पूरे राज्य में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देंगी।

श्री मोदी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इस किस्त के अंतर्गत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में सीधे 18,880 करोड़ रुपये से अधिक राशि हस्तांतरित की जाएगी। केवल पश्चिम बंगाल में ही 45 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में 900 करोड़ से अधिक की राशि जमा की जाएगी, जिससे राज्य में इस योजना के अंतर्गत कुल वितरण 15,000 करोड़ से अधिक हो जाएगा। वर्ष 2019 में योजना शुरू होने के बाद से देशभर में कुल वितरण 4.46 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है।

प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में कई प्रमुख केंद्रीय कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन की शुरुआत करेंगे। इनमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत एग्री स्टैक, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन तथा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना शामिल हैं।

श्री मोदी पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) का शुभारंभ करेंगे, जिससे विश्व की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना का लाभ राज्य के किसानों तक पहुँचेगा। वर्ष 2026–27 के दौरान इस पहल का लक्ष्य राज्य की लगभग 14 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर लगभग 50 लाख किसानों को बीमा सुरक्षा प्रदान करना है। इसके अंतर्गत लगभग 28,140 करोड़ मूल्य की फसलों को बीमा संरक्षण मिलेगा तथा किसानों को पर्याप्त प्रीमियम सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा।

डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में एग्री स्टैक का शुभारंभ करेंगे, जिससे उर्वरक वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली के अंतर्गत खरीद जैसी सत्यापित कृषि सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल मंच उपलब्ध होगा। यह पहल कृषि क्षेत्र में डिजिटल प्रशासन को सुदृढ़ करेगी और किसान-केंद्रित सेवाओं की प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।

प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन का भी शुभारंभ करेंगे, जिसका उद्देश्य पारंपरिक भारतीय पद्धतियों पर आधारित टिकाऊ एवं रसायन-मुक्त कृषि को बढ़ावा देना है। वर्ष 2026–27 की स्वीकृत वार्षिक कार्ययोजना के अंतर्गत राज्य में 17,300 हेक्टेयर क्षेत्र को आच्छादित करते हुए 346 प्राकृतिक कृषि क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही जैव-आदान संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे तथा पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए कृषि सखियों को सक्रिय किया जाएगा।

एकीकृत कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई) के क्रियान्वयन की शुरुआत भी करेंगे। यह योजना पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झाड़ग्राम जिलों में लागू होगी। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहित करना, कटाई-पश्चात आधारभूत संरचना और सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करना, संस्थागत ऋण तक पहुँच बढ़ाना तथा समग्र ग्रामीण विकास के लिए विभिन्न केंद्रीय और राज्य योजनाओं का समन्वय सुनिश्चित करना है।

प्रधानमंत्री दक्षिण 24 परगना के फ्रेजरगंज स्थित आधुनिकीकृत एवं विस्तारित क्षमता वाले मत्स्य बंदरगाह तथा बीरभूम के सैंथिया में नव-निर्मित आधुनिक मछली बाजार का उद्घाटन करेंगे। ये परियोजनाएँ मत्स्य क्षेत्र की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करेंगी, कटाई-पश्चात प्रबंधन में सुधार लाएंगी तथा मछली उत्पादकों और व्यापारियों को बेहतर विपणन सुविधाएँ उपलब्ध कराएंगी।

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