छतरपुर: शहर के लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक बुजुर्ग पेड़ पर चढ़कर गले में रस्सी का फंदा डालने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें समझाकर सुरक्षित नीचे उतारा, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। आत्मघाती कदम उठाने वाले वृद्ध की पहचान धरमा अहिरवार के रूप में हुई है, जिन्होंने 12 वर्षों से भुगतान नहीं मिलने का आरोप लगाया है।
धरमा अहिरवार का कहना है कि वर्ष 2014 में उन्हें महाराजपुर-कुसमा सड़क निर्माण का कार्य पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर दिया गया था। उन्होंने निर्माण कार्य पूरा किया, लेकिन आज तक करीब 40 लाख रुपये का भुगतान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि भुगतान दिलाने के नाम पर उनसे करीब पांच लाख रुपये भी लिए गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। वर्षों से विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला।
वृद्ध ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उनका परिवार गंभीर संकट में है और इसी तनाव के चलते उनकी पत्नी का भी निधन हो गया। उन्होंने पहले भी प्रशासन को आत्महत्या की चेतावनी दी थी, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर यह कदम उठाया। प्रत्यक्षदर्शियों की तत्परता से उनकी जान बच गई। वहीं, मामले में PWD विभाग के कार्यपालन यंत्री ने घटना की जानकारी लेकर पूरे मामले की जांच करने की बात कही है। घटना के बाद विभागीय कार्यप्रणाली और वर्षों से लंबित भुगतान को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
