सीहोर। प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने बावडिय़ा कला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में कहा कि हिंदू दिखो मत, हिंदू बनो. सनातनी दिखो मत, सनातनी बनो. दुख की बात यही है कि लोग सनातनी दिखना तो चाह रहे पर बन नहीं रहे.
इस मौके पर पूर्व नपाध्यक्ष राकेश राय ने कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज का स्वागत सम्मान किया. महाराज देवकीनंदन ने बच्चों व युवाओं को संदेश दिया कि माता-पिता का अपमान कभी मत करो. तमाम युवा पूजा करने मंदिर तो जाते हैं पर माता-पिता का सम्मान नहीं करते. जो बड़ों का सम्मान नहीं करते उन्हें जो प्राप्त होना होता है, वह भी छिन जाता है.श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन महाराज जी ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मनोहारी वर्णन किया.
श्री कृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन कर लोग आनंदित हो उठे. यजमान देवेंद्र चौकसे और संगीता चौकसे नंद बाबा और यशोदा मैया के स्वरूप में दिखे. प्रभु के जन्म के खुशी में उपहार लुटाए. श्रीमद् भागवत कथा सुनने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा भी पहुंचे. प्रहलाद चरित्र के वर्णन के दौरान महाराज जी ने कहा कि भगवान से मांगना है तो भक्ति मांगे. भक्ति छोड़ आजकल लोग जादू, टोना, टोटका की तरह पढ़ रहे हैं. जबकि इनका प्रभाव दो-चार दिन से अधिक नहीं होता. इसलिए सच्चे भक्त बनाकर अपने परमात्मा में निष्ठा रखें और भक्ति मार्ग पर चलें. कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि अपने मुंह से कभी अपनी प्रशंसा न करें. प्रशंसा वह है जो कोई और करे. हमें ऐसा कर्म करना चाहिए, जिससे दूसरे प्रशंसा करें.
