
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर प्रदेश के आदिवासी समुदायों से जुड़े सामाजिक, आर्थिक और विकासात्मक मुद्दों के समाधान के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। राष्ट्रपति के मध्य प्रदेश प्रवास के दौरान भेजे गए इस पत्र में उन्होंने देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति के रूप में उनका स्वागत करते हुए आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों और समावेशी विकास सुनिश्चित करने में सहयोग की अपील की है।
पत्र में पटवारी ने उल्लेख किया है कि मध्य प्रदेश देश की सर्वाधिक आदिवासी आबादी वाला राज्य है, जहां लगभग 1.53 करोड़ अनुसूचित जनजाति के लोग निवास करते हैं, जो राज्य की कुल आबादी का करीब 21 प्रतिशत हैं। इसके बावजूद कई आदिवासी बहुल जिले विकास के प्रमुख मानकों पर अभी भी पिछड़े हुए हैं।
उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में कम साक्षरता दर, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा की खराब स्थिति, स्कूलों में शिक्षकों की कमी, छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था और उच्च शिक्षा तक सीमित पहुंच पर चिंता व्यक्त की। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोर स्थिति, कुपोषण, एनीमिया, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर तथा कमजोर जनजातीय समूहों में तपेदिक (टीबी) के बढ़ते मामलों का भी उल्लेख किया।
पटवारी ने बेरोजगारी, पलायन, गरीबी और महंगाई को आदिवासी परिवारों के सामने बड़ी चुनौतियां बताते हुए महिलाओं के खिलाफ अपराध, मानव तस्करी, भूमि विवाद तथा आदिवासी कल्याण संबंधी कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में कमियों का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों के लिए विशेष शिक्षा एवं स्वास्थ्य मिशन, शिक्षकों और चिकित्सा कर्मियों की समयबद्ध भर्ती, वनाधिकार कानून का प्रभावी क्रियान्वयन, आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार एवं कौशल विकास कार्यक्रम तथा ट्राइबल सब-प्लान निधियों के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही राष्ट्रपति से आदिवासी प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय विकास एजेंडा के केंद्र में रखने का आग्रह किया।
