वर्सेल्स | फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) का भव्य स्वागत किया है। वर्सेल्स में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ रात्रिभोज के दौरान इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। मैक्रों ने इसे वैश्विक शांति और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की दिशा में एक निर्णायक और महत्वपूर्ण कदम बताया है, जिससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में कमी आने की प्रबल संभावना है।
14-पॉइंट मेमोरेंडम और कूटनीतिक पहल
यह समझौता वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक बड़ा कूटनीतिक बदलाव है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन द्वारा अंतिम रूप दिया गया है। इस फ्रेमवर्क का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच जारी सैन्य संघर्षों को समाप्त करना और 60 दिनों के भीतर एक अंतिम शांति समझौते की प्रक्रिया शुरू करना है। इसमें होर्मुज स्ट्रेट से व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय तनाव कम करने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है।
आर्थिक राहत और परमाणु नीति पर प्रतिबद्धता
इस समझौते के तहत ईरान ने पुनः पुष्टि की है कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में सहयोग करेगा। बदले में, अमेरिका ने चरणों में आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और जमे हुए ईरानी एसेट्स को जारी करने का वादा किया है। इसके अतिरिक्त, ईरान के लिए 300 बिलियन डॉलर का एक विशाल आर्थिक विकास कार्यक्रम भी प्रस्तावित है, जो मध्य-पूर्व में स्थिरता और विकास के नए द्वार खोलेगा।

