कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा का बजट सत्र आज गुरुवार से राज्यपाल आर.एन. रवि के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया है। इस सत्र से ठीक पहले कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल जज बेंच ने एक महत्वपूर्ण सुनवाई पूरी की, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र नाथ बोस द्वारा ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता (LoP) घोषित करने के निर्णय को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने फिलहाल इस पर कोई अंतरिम आदेश देने से मना कर दिया है और मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को तय की है।
विपक्ष के नेता पद पर कानूनी पेंच
न्यायमूर्ति कृष्ण राव की बेंच ने पार्टियों को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिससे स्पष्ट हो गया है कि फिलहाल स्पीकर का फैसला प्रभावी रहेगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह सवाल भी उठाया कि विरोधी गुट को मान्यता देते समय क्या पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया गया था। इस कानूनी प्रक्रिया के चलते विधानसभा में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है और विपक्ष की भूमिका पर सस्पेंस बना हुआ है।
22 जून को पेश होगा राज्य का बजट
सदन में इस वित्तीय वर्ष 2026-27 का पूर्ण बजट नए वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता द्वारा 22 जून को पेश किया जाएगा। इससे पहले 5 फरवरी को चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अंतरिम बजट प्रस्तुत किया था। वित्त विभाग का कार्यभार संभालने के बाद दासगुप्ता ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना राज्य का कर राजस्व बढ़ाने की है। अब सबकी निगाहें 22 जून को आने वाले पूर्ण बजट पर टिकी हैं।

