
ग्वालियर। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की कांस्टेबल भर्ती में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एसएससी परीक्षा 2025 के जरिए चयनित होकर आए एक अभ्यर्थी की पोल बीएससी के ट्रेनिंग सेंटर में बायोमेट्रिक जांच के दौरान खुल गई। आरोपी अभ्यर्थी ने खुलासा किया है कि उसने महज 50 हजार रुपए देकर अपनी जगह किसी दूसरे फर्जी परीक्षार्थी से लिखित परीक्षा और मेडिकल टेस्ट करवाया था। बेंगलुरु स्थित बीएसएफ संस्थान की शिकायत पर ग्वालियर के बिजौली थाना पुलिस ने जीरो एफआईआर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
*बायोमेट्रिक और फोटो मिलान ने खोली पोल*
जानकारी के अनुसार, जबलपुर के रांझी (मनमोहन नगर) निवासी शिव सिंह (पुत्र रणवीर सिंह) का चयन एसएससी परीक्षा 2025 के माध्यम से कांस्टेबल (जीडी) पद पर हुआ था। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद आरोपी युवक बीती 9 मार्च 2026 को अपनी बेसिक ट्रेनिंग के लिए बेंगलुरु स्थित बीएसएफ संस्थान पहुंचा था।ट्रेनिंग की शुरुआत में 21 मार्च को जब दस्तावेजों का सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रक्रिया की गई, तो आरोपी के फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड से मैच नहीं हुए। अधिकारियों द्वारा कई बार प्रयास करने के बाद भी जब फिंगरप्रिंट 100 प्रतिशत मिसमैच आए, तो संदेह गहरा गया। इसके बाद जब आवेदन पत्र और ई-एडमिट कार्ड में लगी तस्वीरों का मिलान आरोपी के चेहरे से किया गया, तो वह भी अलग निकली।
*पूछताछ में उगला सच: 50 हजार में तय हुआ था सौदा*
कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी शिव सिंह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने लिखित परीक्षा और मेडिकल प्रक्रिया में खुद बैठने के बजाय एक अज्ञात सॉल्वर को अपनी जगह भेजा था, जिसके एवज में उसे 50 हजार रुपए का भुगतान किया गया था।
जांच में सामने आया कि इस भर्ती की लिखित परीक्षा 19 फरवरी 2025 को ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक परीक्षा केंद्र पर आयोजित हुई थी। यहीं पर आरोपी का फिजिकल और मेडिकल टेस्ट भी कराया गया था। चूंकि अपराध का मुख्य केंद्र ग्वालियर का बिजौली क्षेत्र था, इसलिए बेंगलुरु पुलिस ने वहां जीरो पर मामला दर्ज कर केस डायरी बिजौली थाने भेज दी। डायरी मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मुकदम दर्ज कर लिया है।
इनका कहना है..
”बेंगलुरु से डायरी प्राप्त होने के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस मामले में फर्जी तरीके से परीक्षा देने वाले अज्ञात सॉल्वर और इस पूरे रैकेट से जुड़े नेटवर्क की तलाश कर रही है। भर्ती प्रक्रिया के सभी मूल दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
— सौरभ श्रीवास्तव, थाना प्रभारी (बिजौली)
