
भोपाल। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए निर्धारित लाभांश राशि को निर्माण कार्यों में खर्च किए जाने के कथित प्रयास का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने तथा प्रस्तावित राशि के हस्तांतरण पर रोक लगाने की मांग की है।
अजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) द्वारा अभयारण्यों में तालाब निर्माण के लिए लघु वनोपज संघ से लगभग 20 करोड़ रुपये की मांग की गई है। उन्होंने इसे लघु वनोपज से अर्जित लाभ के उपयोग से संबंधित स्थापित नियमों का स्पष्ट उल्लंघन बताया।
उन्होंने कहा कि सहकारी संघ के शुद्ध लाभ का उपयोग कानूनन केवल वनोपज संग्राहकों के कल्याण, वनों के पुनरुत्पादन तथा संबंधित आधारभूत संरचना के विकास के लिए किया जा सकता है। नियमों के अनुसार लाभांश की 75 प्रतिशत राशि सीधे आदिवासी संग्राहकों को बोनस के रूप में वितरित की जानी चाहिए, जबकि शेष धनराशि ग्रामीण समुदायों के कल्याण और वन विकास कार्यों पर खर्च की जानी चाहिए।
अजय सिंह ने कहा कि संरक्षित क्षेत्रों में तालाब निर्माण जैसे कार्यों के लिए कैम्पा निधि, वन्यजीव बजट तथा केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत पहले से अलग वित्तीय प्रावधान उपलब्ध हैं। ऐसे में आदिवासी और ग्रामीण संग्राहकों के हितों के लिए निर्धारित धनराशि को अन्य मदों में स्थानांतरित करना न केवल अनैतिक बल्कि अवैध भी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रस्तावित हस्तांतरण को निरस्त करने तथा यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि लाभांश का प्रत्येक रुपया वनाश्रित आदिवासी समुदायों और तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में ही खर्च हो।
