
इंदौर. पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में स्क्रैप व्यापारी के कर्मचारी से हुई 29.65 लाख की सनसनीखेज लूट का पुलिस ने पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने पहले से रैकी कर फर्जी नंबर प्लेट लगे वाहन से वारदात को अंजाम दिया था.
घटना 11 जून की रात करीब 8.25 बजे की है. रामचंद्र नगर एक्सटेंशन निवासी मुकुल अग्रवाल विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों से भुगतान राशि एकत्र कर दोपहिया वाहन से जा रहे थे. जायसवाल धर्मशाला के पास एक्टिवा सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोककर मारपीट की और नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए. मामले में पंढरीनाथ थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आठ विशेष टीमें गठित कर जांच शुरू की. टीमों ने घटनास्थल और संभावित रास्तों के 800 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर संदिग्ध एक्टिवा की पहचान की गई, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले से फरियादी की रैकी कर रखी थी और भुगतान संग्रहण के पहले ही स्थान से उसका पीछा कर रहे थे. मौका मिलते ही सुनियोजित तरीके से लूट को अंजाम दिया. पुलिस ने मुख्य आरोपी चंद्रशेखर उर्फ चंदू मुकाती को पकड़कर पूछताछ की तो उसने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी में नुकसान और कर्ज के चलते उसने लूट की योजना बनाई थी. उसके साथियों प्रवीण भंडारी और अमर उर्फ भांजा अहिरवार ने रैकी कर वारदात को अंजाम दिया. इसके बाद पुलिस ने दोनों को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों के कब्जे से 22.60 लाख नकद, लूट के पैसों से खरीदी गई आई-20 कार, फरियादी का बैग, हेलमेट और वारदात में उपयोग किए गए कपड़े बरामद किए हैं. शेष राशि की बरामदगी और अन्य पहलुओं की जांच के लिए आरोपियों को रिमांड पर लिया है.
