इंदौर : रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और स्थानीय उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को इंदौर में डिफेंस मैन्युफैख्रिंग में आत्मनिर्भरता विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में उद्योगपतियों, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, शैक्षणिक संस्थानों और रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने रक्षा उत्पादन से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा की।
कार्यशाला की अध्यक्षता संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने की। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन बढ़ाना समय की आवश्यकता है और इसके लिए उद्योगों, अनुसंधान संस्थानों तथा सरकार के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को रक्षा उत्पादन से जुड़े कंसल्टेशन कार्यक्रम में को-लीड राज्य के रूप में चुना गया है, जो प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर है।
रक्षा उत्पादन विभाग के उपनिदेशक अनिल कुमार राय ने सृजन पोर्टल, रक्षा उत्पादन नीतियों और निर्यात संभावनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार रक्षा उत्पादों के अनुसंधान एवं परीक्षण ढांचे का विस्तार कर रही है। एयर मार्शल विभास पाण्डे ने उद्योगों से रक्षा क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पाद विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यशाला में उद्योग जगत ने कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष गौतम कोठारी ने क्षेत्र में कॉमन फैसिलिटी सेंटर, आरएंडडी लैब और सर्टिफिकेशन सुविधाओं की स्थापना की आवश्यकता बताई। वहीं उद्योगपतियों ने रक्षा क्षेत्र में आयातित उत्पादों की सूची उपलब्ध कराने, एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए अनुसंधान लागत कम करने तथा सृजन पोर्टल को अधिक सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की मांग उठाई।कार्यशाला में रक्षा मंत्रालय, एमपीआईडीसी, सेना के वरिष्ठ अधिकारियों सहित विभिन्न औद्योगिक और शैक्षणिक संस्थानों के 100 से अधिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
