मुंबई, 15 जून (वार्ता) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि सरकार की ओर से चलाए जा रहे ज़िला परिषद स्कूलों में दी जाने वाली स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता 90 प्रतिशत निजी स्कूलों से बेहतर है।
पड़ोसी रायगढ़ ज़िले के एक ज़िला परिषद स्कूल में बोलते हुए श्री फडणवीस ने कहा, “एक समय था जब सरकारी स्कूलों में कोई व्यवस्था नहीं थी, लेकिन आज जब हम महाराष्ट्र में ज़िला परिषद स्कूलों का दौरा करते हैं, तो देखते हैं कि इनमें से ज़्यादातर स्कूल किसी भी निजी स्कूल जैसे हैं या कभी-कभी उनसे भी बेहतर हैं। मैं निश्चित रूप से कह सकता हूँ कि सरकारी ज़िला परिषद स्कूलों में शिक्षा 90 प्रतिशत प्राइवेट स्कूलों से बेहतर है।”
श्री फडणवीस ने कहा, “आज यहाँ शिक्षकों और छात्रों से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई। छात्रों का अनुशासन अच्छा है, उनका उत्साह भी बढ़िया है और जो शिक्षा दी जा रही है, वह भी अच्छी है। इसका मतलब है कि यहाँ हमारे शिक्षक बच्चों को अच्छे तरीके से पढ़ा रहे हैं, इसलिए मैं उन्हें दिल से बधाई देता हूँ।”
उन्होंने कहा, “यह बहुत खुशी की बात है कि नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन हम यहाँ स्कूल प्रवेश उत्सव मना रहे हैं और महाराष्ट्र के सभी स्कूल इसे इस तरह से मना रहे हैं जिसमें जन-प्रतिनिधि, मंत्री और नेता भी शामिल हो रहे हैं। रायगढ़ जिले के जिला परिषद स्कूल का दौरा करके मुझे बहुत खुशी हुई। सबसे पहले, यहाँ एक बहुत ही सुंदर डिजिटल लैब है जिसमें सभी कक्षाओं के सभी कोर्स डिजिटल रूप से विज़ुअल माध्यम से उपलब्ध हैं। शिक्षक इसके ज़रिए पढ़ा भी सकते हैं और वहां ऑनलाइन परीक्षाएं भी होंगी। आज के डिजिटल युग में छात्रों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाने के लिए यह एक बहुत अच्छा साधन है। यहाँ एक बहुत ही सुंदर लैब शुरू की गई है। शिक्षा सचिव और कमिश्नर ने मुझे बताया कि महाराष्ट्र भर के सभी सरकारी जिला परिषद स्कूलों में ऐसी ही अच्छी डिजिटल लैब शुरू की जा रही हैं।”
उन्होंने कहा कि सभी सरकारी ज़िला परिषद स्कूलों में संवैधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने कहा, “हमारे बच्चों को संवैधानिक मूल्यों के बारे में पता होना चाहिए। उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी होनी चाहिए। उन्हें स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूक होना चाहिए। हमारी कोशिश है कि इन स्कूलों में भविष्य के बेहतरीन नागरिक तैयार हों। बेशक, इन सभी प्रयासों में ग्रामीणों और अभिभावकों की अहम भूमिका है। जिन स्कूलों के आस-पास के अभिभावक जागरूक हैं और जहाँ अभिभावक समितियाँ अच्छा काम करती हैं, वे ही सबसे अच्छे स्कूल होते हैं।”
सरकारी ज़िला परिषद स्कूलों के छात्रों के अभिभावकों को भी सलाह देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अभिभावकों की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ अपने बच्चों को स्कूल भेजने तक ही सीमित नहीं है। अभिभावकों को उन पर नज़र भी रखनी चाहिए और स्कूल के शिक्षकों व कर्मचारियों का सहयोग करना चाहिए। मैं रायगढ़ ज़िला परिषद के अध्यक्ष, रायगढ़ ज़िला परिषद के सभी पदाधिकारियों, शिक्षा अधिकारियों और ख़ासकर शिक्षा विभाग को दिल से बधाई देता हूँ कि ज़िला परिषद स्कूलों में बदलाव की शानदार शुरुआत हुई है। कई ज़िलों में प्राइवेट स्कूलों से सरकारी ज़िला परिषद स्कूलों में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी है। इसलिए, मैं हमारे शिक्षा सचिव, हमारे सभी कमिश्नरों और शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों को दिल से बधाई देता हूँ।”
