
सीधी।जिला कांग्रेस कमेटी सीधी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने कमर्जी थाना क्षेत्र के ग्राम पटपरा में थाना प्रभारी पर हुए जानलेवा हमले की घटना को प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का गंभीर उदाहरण बताते हुए प्रदेश सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल उठाया है।
कांग्रेस कमेटी सीधी जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि जिस प्रदेश का मुख्यमंत्री स्वयं गृह विभाग का जिम्मा संभाल रहा हो, वहां यदि पुलिस अधिकारी ही अपराधियों के हमले का शिकार हो जाएं तो यह सरकार की विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। कमर्जी थाना प्रभारी पर टांगी और हंसिए जैसे धारदार हथियारों से हमला किया जाना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन से कानून का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
उन्होंने कहा कि ग्राम पटपरा में शासकीय मार्ग को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। ग्रामीण लगातार राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें देते रहे, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण स्थिति बिगड़ती चली गई। प्रशासन की लापरवाही और निष्क्रियता ने ही इस विवाद को हिंसक रूप लेने का अवसर दिया। यदि समय रहते उचित कार्रवाई की जाती तो पुलिस अधिकारी पर हमला जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना नहीं होती।
ज्ञान सिंह ने आरोप लगाया कि सीधी जिले में कानून-व्यवस्था लगातार बदतर होती जा रही है। हत्या, लूट, बलात्कार, नशे का अवैध कारोबार, महिलाओं के खिलाफ अपराध तथा गुमशुदा बालक बालिकाओं के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। हाल ही में जिले में घटी बलात्कार की जघन्य घटना ने पूरे समाज को शर्मसार किया है, लेकिन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में प्रशासन विफल साबित हो रहा है।उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न थानों में दर्ज गुमशुदा बालक बालिकाओं के अनेक मामलों का आज तक संतोषजनक निराकरण नहीं हो पाया है। दूसरी ओर गांजा, कोरेक्स, अवैध शराब और अन्य गैरकानूनी कारोबार खुलेआम फल-फूल रहे हैं। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे अब पुलिस पर भी हमले करने से नहीं डर रहे हैं। कुछ समय पूर्व अमिलिया थाना क्षेत्र में भी पुलिस पर हमला हुआ था और अब कमर्जी में हुई यह घटना साबित करती है कि जिले की कानून-व्यवस्था गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है।
उन्होंने कहा कि जब पुलिस बल स्वयं सुरक्षित नहीं है तो आम नागरिकों की सुरक्षा की कल्पना कैसे की जा सकती है? यह प्रश्न आज जिले का प्रत्येक नागरिक पूछ रहा है। प्रदेश सरकार को जवाब देना चाहिए कि आखिर अपराधियों को संरक्षण कौन दे रहा है और कानून का भय समाप्त क्यों हो चुका है।
ज्ञान सिंह ने घायल थाना प्रभारी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए मांग की कि हमले में शामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर अपराध नियंत्रण, अवैध कारोबार पर रोक तथा लंबित राजस्व एवं प्रशासनिक विवादों के त्वरित निराकरण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
