चुरू (राजस्थान) | विश्व के जाने-माने कारोबारी और ‘स्टील किंग’ लक्ष्मी मित्तल आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। राजस्थान के चुरू में जन्मे मित्तल का बचपन बेहद गरीबी में बीता, जहाँ आर्थिक तंगी के कारण परिवार को कई बार भूखा भी रहना पड़ता था। पिता मोहनलाल मित्तल के संघर्ष और कोलकाता में शुरू किए गए छोटे से व्यवसाय ने धीरे-धीरे लक्ष्मी मित्तल को दुनिया के सबसे सफल उद्योगपतियों में से एक बनाने की नींव रखी।
वैश्विक स्टील साम्राज्य का निर्माण
आज लक्ष्मी मित्तल दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्टील निर्माता कंपनी ‘आर्सेलर मित्तल’ के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं। उनकी व्यावसायिक दक्षता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आर्सेलर मित्तल में उनकी 38 प्रतिशत हिस्सेदारी है। स्टील के अलावा, वे आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स में 75 प्रतिशत हिस्सेदारी और फुटबॉल क्लब क्वींस पार्क रेंजर्स में भी निवेशक हैं। उनका सफर शून्य से शिखर तक पहुंचने की एक प्रेरणादायक मिसाल है।
ऐतिहासिक उपलब्धियाँ और जीवनशैली
फोर्ब्स की सूची में टॉप-10 में जगह बनाने वाले पहले भारतीय बनने से लेकर दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शामिल होने तक, मित्तल ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। हालांकि, अपार सफलता और आलीशान जीवनशैली के बावजूद, वे अपनी जड़ों और संघर्ष के दिनों को कभी नहीं भूले। उनके पिता ने सार्वजनिक रूप से कई बार उन कठिन परिस्थितियों को याद किया है, जिसने आज उन्हें इस मुकाम पर पहुँचाया है कि वे वैश्विक व्यापार जगत का एक बड़ा नाम बन चुके हैं।

