इथेनॉल प्लांट में 68 करोड़ की कथित धोखाधड़ी, पुणे की कंपनी के पांच अधिकारियों पर मामला दर्ज

पिपलियामण्डी। थाना मल्हारगढ़ पुलिस ने इथेनॉल प्लांट स्थापना के नाम पर कथित धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये वसूलने के आरोप में पुणे (महाराष्ट्र) की एक निजी कंपनी के पांच अधिकारियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच प्रारंभ कर दी है। आरोपी की गिरफ्तारी नही हुई है। जनाकारी के अनुसार फरियादी यश गर्ग पिता योगेश गर्ग, उम्र 26 वर्ष, निवासी पीटी-06, सत्यम विहार कॉलोनी, मंदसौर ने थाना मल्हारगढ़ में लिखित शिकायत प्रस्तुत की। शिकायत में बताया गया कि वह एवं उनके पिता योगेश गर्ग पिता रमेशचंद्र गर्ग वैधानिक रूप से कृपा बायोटेक एलएलपी कंपनी के पार्टनर हैं। कंपनी का इथेनॉल उत्पादन संयंत्र ग्राम चंगेरी, तहसील मल्हारगढ़ में स्थापित है।

फरियादी के अनुसार उनकी कंपनी ने इथेनॉल प्लांट स्थापित करने के लिए मैसर्स SSEPL टेक्नो प्राइवेट लिमिटेड, पता टी-3/103, कोहिनूर वर्ल्ड टावर्स, एम्पायर स्टेट के सामने, ओल्ड मुंबई-पुणे हाईवे, पिंपरी कॉलोनी, पुणे, महाराष्ट्र के साथ दिनांक 22 नवंबर 2023 को लिखित अनुबंध किया था। अनुबंध के अनुसार कंपनी को 120/140 KLPD क्षमता का इथेनॉल प्लांट स्थापित करना था, जिसके एवज में लगभग 67 करोड़ 85 लाख रुपये (जीएसटी सहित) का भुगतान निर्धारित किया गया था।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अनुबंध के अनुरूप भुगतान करते हुए उनकी कंपनी द्वारा बैंक ऋण के माध्यम से अब तक 67 करोड़ 70 लाख 94 हजार 695 रुपये संबंधित कंपनी को अदा किए जा चुके हैं। प्लांट स्थापित होने के बाद जब अनुबंधानुसार संचालन एवं उत्पादन शुरू कराने की मांग की गई तो कंपनी के अधिकारी प्लांट को पूरी तरह संचालित किए बिना ही चले गए।

फरियादी का कहना है कि बाद में जब उन्होंने स्वयं प्लांट का संचालन शुरू किया तो उत्पादन क्षमता अनुबंध में तय 120/140 KLPD के बजाय मात्र लगभग 100 KLPD ही पाई गई। इस संबंध में कई बार कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। मामले में जिन आरोपियों को नामजद किया गया है उनमें माधव सूर्यकांत उगिले (प्रबंध निदेशक), कांचनकुमार लक्ष्मण शेवाले पाटिल (निदेशक), विलास भगवंतराव पवार (निदेशक), आलोक माधवराव वानखेडे (निदेशक) तथा सुहास सुरडी (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) शामिल हैं। सभी आरोपी मैसर्स SSEPL टेक्नो प्राइवेट लिमिटेड, पुणे (महाराष्ट्र) से संबंधित बताए गए हैं।

फरियादी ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने अनुबंधित क्षमता का प्लांट स्थापित नहीं किया और कम क्षमता का संयंत्र लगाकर अधिक क्षमता वाले प्लांट की पूरी कीमत वसूल ली। इसके चलते उनकी कंपनी पर्याप्त मात्रा में इथेनॉल उत्पादन नहीं कर सकी। शिकायत के अनुसार उनकी कंपनी ने इथेनॉल आपूर्ति के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) तथा भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के साथ अनुबंध किए थे, लेकिन उत्पादन कम होने के कारण निर्धारित आपूर्ति नहीं हो सकी। इससे संबंधित कंपनियों द्वारा उनकी फर्म पर आर्थिक दंड भी लगाया गया। फरियादी ने पुलिस को अनुबंध की प्रतिलिपि सहित अन्य दस्तावेज भी सौंपे हैं। थाना मल्हारगढ़ पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला पाए जाने पर आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। मल्हारगढ टीआई अनिल रघुवंशी कहना है कि मामले की जांच जारी है तथा दस्तावेजों एवं तकनीकी तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है, केस दर्ज कर लिया है, आरोपियो की गिरफ्तारी नही हो पाई है।

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