नागपुर, 13 जून (वार्ता) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि सड़क बनाने के लिए धान के पुआल (पराली) से बिटुमेन बनाने की कोशिशें चल रही हैं।
श्री गडकरी ने महाराष्ट्र के नागपुर में संवाददाताओं से बातचीत में पेट्रोल और डीज़ल पर निर्भरता कम करने के लिए बायो-फ्यूल और साफ़ ऊर्जा के विकल्पों को अपनाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि खेती से निकलने वाले कचरे खासकर धान के पुआल का इस्तेमाल सड़क बनाने का सामान और ईंधन बनाने जैसे कई टिकाऊ कामों के लिए करने पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार साफ़ और नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा दे रही है, जिसके तहत धान के पुआल से एविएशन फ्यूल बनाने के लिए अनुसंधान एवं विकास का काम भी चल रहा है। पारंपरिक जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए मंत्री ने कहा कि उन्होंने जन-प्रतिनिधियों और नागरिक अधिकारियों को बायो-फ्यूल और ऊर्जा के अन्य वैकल्पिक स्रोतों से चलने वाले वाहनों को ज़्यादा से ज़्यादा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है।
केंद्र सरकार की “वेस्ट टू वेल्थ” (कचरे से संपदा) पहल का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कचरे को प्राकृतिक गैस और ईंधन में बदलने की कोशिशें की जा रही हैं, जिससे पर्यावरण संबंधी चिंताओं को दूर करते हुए ऊर्जा के टिकाऊ विकल्प तैयार किए जा सकें। उन्होंने कहा कि साफ़, सस्ते और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए पारंपरिक ईंधन के साथ वैकल्पिक ईंधन को मिलाने पर भी बातचीत चल रही है।
