
बैतूल। शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाती हैं। योजनाएं भी बनाई जाती हैं और कुछ समय तक उनका पालन भी होता है, लेकिन बाद में स्थिति फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती है। वर्तमान में शहर में जगह-जगह बसों के रुकने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और वाहन चालकों को बार-बार जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
बस स्टैंड से निकलने के बाद बस चालक शहर की सड़कों पर कई स्थानों पर बसें रोककर यात्रियों को बैठाते और उतारते हैं। कई जगह तो यात्रियों के इंतजार में बसें काफी देर तक खड़ी रहती हैं। इसके अलावा चलती बसों में भी यात्रियों को बैठाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
हाल ही में हुई बैठक में अधिकारियों ने बस संचालकों और चालकों को निर्देश दिए थे कि बस स्टैंड से निकलने के बाद सड़क पर बसें रोककर सवारी नहीं बैठाई जाएंगी, लेकिन इन निर्देशों का पालन होता नजर नहीं आ रहा है। बैतूल शहर से प्रतिदिन करीब दो सैकड़ा बसें अलग-अलग मार्गों पर संचालित होती हैं, जिनसे हजारों यात्री सफर करते हैं।
बस चालकों ने बना लिए एक दर्जन से अधिक अवैध स्टॉप
यात्रियों की सुविधा के लिए शहर में बस स्टैंड बनाया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में यात्री बस स्टैंड पहुंचने के बजाय रास्ते से ही बस पकड़ लेते हैं। इसका एक कारण बस चालकों की मनमानी भी है। अधिक यात्रियों को बैठाने और ज्यादा कमाई के चक्कर में चालक कहीं भी बस रोक देते हैं।
शहर में बस चालकों ने एक दर्जन से अधिक अनधिकृत बस स्टॉप बना लिए हैं। चौपाटी चौराहा, कॉलेज चौक रोड, गंज रोड सहित कई स्थानों पर बसें रुकती हैं। सबसे अधिक परेशानी मुला पेट्रोल पंप, सरकारी अस्पताल और कारगिल चौक क्षेत्र में होती है, जहां बसों के रुकने से यातायात बाधित हो जाता है।
नियमानुसार बस स्टैंड से निकलने के बाद निर्धारित स्टॉप के अलावा बसों को नहीं रोका जाना चाहिए, लेकिन नियमों की अनदेखी के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बन रही है और हादसों की आशंका भी बढ़ रही है।
कार्रवाई होती है, लेकिन स्थायी असर नहीं
यातायात पुलिस द्वारा समय-समय पर सड़क पर बस रोककर सवारी बैठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, लेकिन यह अभियान कुछ समय तक ही सीमित रहता है। इसके बाद फिर चालक मनमाने तरीके से बसें रोकना शुरू कर देते हैं।
जागरूक नागरिकों का कहना है कि सड़क किनारे बस खड़ी करना और चलती बसों में यात्रियों को बैठाना गंभीर खतरा है। इससे न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी बनी रहती है। नागरिकों ने नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यातायात विभाग का कहना
यातायात प्रभारी गजेन्द्र छैन ने बताया कि बस संचालकों को समय-समय पर निर्देश दिए जाते हैं कि निर्धारित बस स्टॉप पर ही यात्रियों को उतारा और चढ़ाया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की जाती है। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी के कारण कई बार पूरी तरह निगरानी नहीं हो पाती, लेकिन नियमों का पालन कराने के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
