
भोपाल। कांग्रेस नेताओं ने राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी की अधिकृत उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने को लोकतांत्रिक प्रक्रिया, चुनावी निष्पक्षता और संवैधानिक मूल्यों पर गंभीर आघात बताया है। भोपाल में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने इस निर्णय के आधार और प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
पत्रकार वार्ता को पूर्व विधायक रवि जोशी, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, भोपाल ग्रामीण कांग्रेस के प्रभारी मनोज राजानी, भोपाल शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना तथा भोपाल ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष अनोखी मानसिंह पटेल ने संबोधित किया।
रवि जोशी ने कहा कि नामांकन निरस्त किए जाने से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस महासचिव हरीश चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सांसद डॉ. विवेक तन्खा तथा वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी इस मामले को लगातार उठा रहे हैं और यह स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं कि चुनावी प्रक्रिया कानून के अनुरूप संचालित हो रही है या नहीं।
मनोज राजानी ने कहा कि जिस निजी परिवाद का उल्लेख किया गया है, उसमें मीनाक्षी नटराजन को अभियुक्त नहीं बल्कि प्रतिवादी के रूप में दर्शाया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और फॉर्म-26 का उद्देश्य केवल उन आपराधिक मामलों की जानकारी प्राप्त करना है जिनमें उम्मीदवार के विरुद्ध विधिवत कार्यवाही चल रही हो।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मामला केवल एक उम्मीदवार तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान की भावना, निष्पक्ष चुनाव और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा हुआ है।
