
श्योपुर। श्योपुर जिले में आज दोपहर आए तेज आंधी-तूफान और प्री-मानसून बारिश ने भारी तबाही मचाई। दो हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा जिले भर में तेज हवाओं के कारण पेड़, बिजली के खंभे और टीन शेड जमींदोज हो गए, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
सबसे बड़ी घटना आवदा थाना क्षेत्र के सुसवाड़ा में हुई। शाम करीब 4 बजे खेत पर काम कर रहे भीमा आदिवासी, उनकी पत्नी सीमा आदिवासी और उनके बेटे राहुल की पत्नी राजवती आदिवासी अचानक आए तेज आंधी-तूफान से बचने के लिए एक टीन शेड के नीचे जाकर बैठ गए।
इसी दौरान तेज हवाओं के थपेड़ों से शेड से सटी एक पक्की दीवार अचानक भरभराकर उनके ऊपर गिर गई। मलबे में दबने के कारण तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया है।
दूसरा हादसा सलापुरा क्षेत्र में हुआ। यहां तेज आंधी और बारिश के दौरान सड़क किनारे खड़ा एक ऑटो अचानक बेकाबू होकर पलट गया। इस दौरान वहां पास में ही खड़ीं 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला भरोसी बाई वैष्णव ऑटो की चपेट में आ गईं। गंभीर चोटें आने के कारण उन्होंने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया।
तेज आंधी-तूफान के कारण श्योपुर के कई इलाकों में कच्चे मकानों के छप्पर उड़ गए और दर्जनों पेड़ धराशायी हो गए। पेड़ गिरने से कई मुख्य मार्गों पर आवागमन बाधित हुआ और बिजली के तार टूटने से पूरे शहर की बिजली गुल हो गई है। राहत अभियान देर रात तक जारी रहा।
