नयी दिल्ली, 12 जून (वार्ता) खाने-पीने के सामान, ईंधन और कीमती धातुओं के दाम बढ़ने से मई में उपभोक्ता मूल्य आधारित मुद्रास्फीति की दर यानी खुदरा महंगाई बढ़कर 3.93 प्रतिशत पर पहुंच गयी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों में बताया गया है कि मई में ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई 4.25 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 3.53 प्रतिशत दर्ज की गयी। खुदरा महंगाई लगातार चौथे महीने बढ़ी है। इस साल अप्रैल में यह 3.48 प्रतिशत रही थी। खास बात यह रही कि सोने से ज्यादा मुद्रास्फीति टमाटर में देखी गयी।
खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति दर 4.78 प्रतिशत रही। ऊंची महंगाई दर वाले अन्य वस्तुओं एवं सेवाओं के खंड में पान एवं तंबाकू उत्पादों की महंगाई दर 6.62 प्रतिशत और माल परिवहन सेवा की 7.63 प्रतिशत दर्ज की गयी। तीन सबसे ऊंची महंगाई दर वाली वस्तुओं में चांदी के गहनों की कीमत एक साल पहले के मुकाबले 155 प्रतिशत, टमाटर की 48 प्रतिशत और सोना, हीरा तथा प्लेटिनम के गहनों की 41 प्रतिशत बढ़ी है। सालाना आधार पर आलू 24 प्रतिशत, मटर 11 प्रतिशत तथा मोटर कार और जीप सात प्रतिशत सस्ती हुई। खुदरा महंगाई तेलंगाना में सबसे ज्यादा 6.71 प्रतिशत, तमिलनाडु में 5.11 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 4.90 प्रतिशत, कर्नाटक में 4.59 प्रतिशत और ओडिशा में 4.54 प्रतिशत दर्ज की गयी।

