छोटे चुनाव में बड़े दांव

सियासत

इंदौर की कान्यकुब्ज ब्राह्मण संस्था के चुनाव पूरे मालवांचल में चर्चा का केंद्र बने रहे. हालांकि 2000 के लगभग सदस्यों वाली संस्था पहले कभी इतनी चर्चा में नहीं आई. चुनाव की नौबत भी पहली बार ही आई. इस संस्था की स्थापना भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय विष्णु प्रसाद शुक्ला बड़े भैया ने की थी. जब तक वो जीवित थे, संस्था में उनका शब्द अंतिम माना जाता था. करीब दो दशक तक चुनाव की नौबत ही नहीं आई. उनके निधन के बाद से उन्हीं के परिवार में संस्था के कब्जे को लेकर विवाद हो गया.

स्थिति यह हो गई कि बड़े-बड़े चुनाव लड़ने वाले पूर्व विधायक संजय शुक्ला को अपने स्वर्गीय पिता की विरासत को संभालने को लेकर चुनाव लड़ना पड़ा. इस छोटे से चुनाव में संजय शुक्ला की बाबूजी पैनल और बड़े भैया के भांजे विकास अवस्थी की पारदर्शी पैनल आमने-सामने थी. रविवार को संपन्न चुनाव में संजय शुक्ला की बाबूजी पैनल ने एक तरफा बाजी मारी. इस चुनाव की पूरे मालवांचल में चर्चा रही, क्योंकि संजय शुक्ला जैसे हाई प्रोफाइल नेता चुनाव में उतर गए. दिलचस्प यह भी है कि दोनों ही नेता एक ही पार्टी भाजपा के हैं.

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