इंदौर: लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. स्टेशन का नया भवन लगभग तैयार हो चुका है और अब पुराने भवन से नए भवन में परिचालन एवं तकनीकी व्यवस्थाओं को स्थानांतरित करने का काम तेजी से चल रहा है. रेलवे प्रशासन का लक्ष्य जल्द ही स्टेशन का संचालन नए भवन से शुरू करना है.
पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के अनुसार गुरुवार को स्टेशन पर मेजर ब्लॉक लेकर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया गया। इस प्रक्रिया के तहत नई परिचालन व्यवस्था के अनुरूप सिग्नलिंग और सुरक्षा प्रणालियों में आवश्यक बदलाव किए गए. यह कदम नए स्टेशन भवन से ट्रेन संचालन शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कार्य को सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए रेलवे ने विशेष तकनीकी तैयारियां कीं. इसके चलते चार लोकल ट्रेनों को निरस्त करना पड़ा, जबकि आठ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट और शॉर्ट ओरिजिनेट किया गया. वहीं 10 ट्रेनों का संचालन परिवर्तित मार्ग से किया गया. रेलवे अधिकारियों के अनुसार पिछले एक सप्ताह से स्टेशन यार्ड में प्वाइंट एवं क्रॉसिंग बिछाने, ट्रैक लिंकिंग, केबलिंग और आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था स्थापित करने का कार्य लगातार जारी है. नए भवन में स्टेशन मास्टर कक्ष, रिले रूम, आईपीएस रूम सहित अन्य परिचालन इकाइयों की स्थापना लगभग पूरी हो चुकी है.
सेवाएं स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू
यात्री सुविधाओं, टिकट बुकिंग व्यवस्था और अन्य सेवाओं को भी नए भवन में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. रेलवे प्रशासन का कहना है कि सभी सेवाएं जल्द ही नए भवन से संचालित होने लगेंगी. परिचालन गतिविधियां नए भवन में शिफ्ट होने के बाद पुराने भवन को हटाकर प्लेटफॉर्म क्रमांक-1 और 2 के निर्माण कार्य को गति दी जाएगी. रेलवे का अनुमान है कि अगले एक से डेढ़ माह में दोनों प्लेटफॉर्मों का निर्माण भी पूरा कर लिया जाएगा. यात्रियों की सुविधा के लिए नए स्टेशन भवन से वर्तमान प्लेटफॉर्म तक पहुंचने हेतु अस्थायी मार्ग बनाया गया है, जिससे निर्माण कार्य के दौरान भी यात्रियों को आवागमन में परेशानी न हो.
विश्वस्तरीय सेवाओं का लाभ मिल सकेगा
पश्चिम रेलवे के अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार स्टेशन पुनर्विकास कार्य पूरा होने के बाद लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक प्रमुख रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित होगा. नए भवन में बेहतर यात्री सुविधाएं, आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाएं और उन्नत अवसंरचना उपलब्ध होगी, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सेवाओं का लाभ मिल सकेगा
