दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत में तेज बारिश के अनुमान: मौसम विभाग

नयी दिल्ली, 11 जून (वार्ता) मौसम विभाग ने गुरुवार को उत्तर-पश्चिम भारत के लिए नया अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और हरियाणा के पास बने चक्रवाती दबाव के कारण 13 जून तक इस क्षेत्र में तेज बारिश हो सकती है। 11 और 12 जून को पंजाब, हरियाणा,राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में 50–60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, आंधी-तूफान और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि के अनुमान हैं। विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आज मानसून कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ और इलाकों सहित तमिलनाडु और पुडुचेरी के बचे हुए हिस्सों में पूरी तरह दाखिल हो चुका है। इसके साथ ही मानसून ने पश्चिम बंगाल के कुछ और हिस्सों तथा बिहार के कुछ इलाकों में भी अपनी दस्तक दे दी है।

मौसम विभाग ने मानसून की उत्तरी सीमा की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि यह रेखा वर्तमान में चेन्नई, सोलापुर (महाराष्ट्र), हैदराबाद, भद्राद्री कोठागुडेम (तेलंगाना) और कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से होते हुए रायगंज (पश्चिम बंगाल) और मधुबनी (बिहार) तक पहुंच चुकी है। आगामी दो-से-तीन दिनों के भीतर मौसम की परिस्थितियां अनुकूल रहने की उम्मीद है जिससे मानसून के मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र और कर्नाटक के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी जल्द ही मानसून के कदम आगे बढ़ाने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिले हैं। एक तरफ जहां पश्चिमी बंगाल के पहाड़ी इलाकों, तटीय आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई, वहीं दूसरी तरफ पंजाब और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भीषण लू का प्रकोप जारी रहा। पिछले 24 घंटों में देश में सबसे अधिक तापमान पंजाब के बठिंडा में 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। खराब मौसम को देखते हुए विभाग ने लोगों, खासकर शहरों और पहाड़ी इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी बारिश और तेज हवाओं से निचले इलाकों में पानी भरने, दृश्यता कम होने और कच्चे मकानों व बागवानी फसलों को नुकसान होने की आशंका है।

मछुआरों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है कि वे 11 से 16 जून के बीच खराब समुद्री स्थिति और तेज हवाओं के कारण बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी, अंडमान सागर और अरब सागर के तटीय क्षेत्रों में न जाएं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों और पके हुए फलों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करें तथा खेतों में जलभराव को रोकने के लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय और त्रिपुरा में धान की नर्सरी को बचाने के लिए ‘पॉलीथीन शीट’ का उपयोग करने को कहा गया है। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में अभी भी तापमान उच्च बना हुआ है और लू की स्थिति है, वहां के पशुपालकों को अपने मवेशियों को छायादार स्थानों पर रखने और उन्हें पर्याप्त मात्रा में साफ पानी उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है।

.....

Next Post

वैश्विक सुरक्षा पर रूस के साथ समन्वय जारी रखेगा बहरीन: विदेश मंत्री अब्दुल्लातिफ अल जायनी

Thu Jun 11 , 2026
मास्को, 11 जून (वार्ता) बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल जायनी के अनुसार, रूस और बहरीन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर सहयोग को और गहरा करने की उम्मीद है। मास्को में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान अल जायनी ने कहा कि बहरीन […]

You May Like