
इंदौर. शहर के पास पिकनिक स्पॉट मेहंदी कुंड में युवक-युवती की हत्या के सनसनीखेज मामले में करीब 9 साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. अपर सत्र न्यायाधीश सोनल पटेल की कोर्ट ने आरोपी बलराम मकवाना को दोषी पाते हुए दोहरे आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है.
घटना 6 नवंबर 2017 की है, जब हिमांशु और श्रेया (दोनों करीब 20 वर्ष) स्कूटर से मेहंदी कुंड घूमने गए थे. रास्ते में आरोपी बलराम और उसके साथियों ने उन्हें रास्ता बताने के बहाने जंगल की ओर ले जाकर नकोड़ी कुंड के पास 200 फीट गहरी खाई तक पहुंचाया. यहां आरोपियों ने पहले दोनों को डरा-धमकाकर मारपीट की और 5200 रुपए नकद, आधार कार्ड व सोने की चेन लूट ली. इसके बाद दोनों को खाई में धकेल दिया. आरोप है कि नीचे गिरने के बाद भी जिंदा होने की आशंका में आरोपी खाई में उतरे और पत्थरों से उनके सिर कुचल दिए. वारदात के बाद शवों को बड़े पत्थरों से ढंककर आरोपी फरार हो गए थे. इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करीब छह माह बाद हुआ, जब एक अन्य चोरी के मामले में जेल में बंद आरोपी बलराम का दूसरे आरोपी से विवाद हुआ और बातचीत में इस वारदात का राज खुल गया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो खाई में दोनों के नरकंकाल बरामद हुए. मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक अजय मिमरोट ने पैरवी की. इस वारदात में शामिल दो आरोपी घटना के समय नाबालिग थे, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है.
