नई दिल्ली | उत्तर-पूर्वी दिल्ली के 2020 दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की नृशंस हत्या के मामले में आज कड़कड़डूमा अदालत अपना फैसला सुनाने जा रही है। यह मामला पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन सहित 11 अन्य आरोपियों से जुड़ा है। अदालत ने इस संवेदनशील हत्याकांड में सभी पक्षों की लंबी दलीलों के बाद आज का दिन निर्णय के लिए निर्धारित किया है, जिसका देश भर को बेसब्री से इंतजार है।
बर्बरता की इंतिहा और साजिश
फरवरी 2020 की हिंसा के बीच 26 वर्षीय अंकित शर्मा की हत्या को एक गहरी साजिश का हिस्सा माना गया है। जांच में सामने आया था कि भीड़ ने अंकित पर धारदार हथियारों से 51 बार वार किए और उनकी पहचान मिटाने के लिए शव को खजूरी खास नाले में फेंक दिया था। पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ताहिर हुसैन को इस साजिश का मुख्य मास्टरमाइंड बताते हुए दंगाइयों को उकसाने के ठोस सबूत पेश किए थे।
दोषियों के लिए कड़ी सजा की उम्मीद
सरकारी वकील ने अदालत में तर्क दिया है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हमला था। सभी 11 आरोपियों पर हत्या, आपराधिक साजिश और हिंसा भड़काने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चलाया गया है। यदि आज अदालत सभी को दोषी करार देती है, तो उन्हें उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है। पीड़ित परिवार पिछले 6 वर्षों से न्याय का इंतजार कर रहा है।

