
सीधी। जिले के मझौली जनपद पंचायत के मड़वास बाजार में सडक़ और नालियों पर बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार दोपहर तहसीलदार सहित कई विभागों के अधिकारियों ने मड़वास पहुंचकर अतिक्रमण का निरीक्षण किया। अतिक्रमणकारियों को सात दिन के भीतर स्वयं कब्जा हटाने की चेतावनी दी गई है, ऐसा न करने पर बुलडोजर चलाने की बात कही गई है। मड़वास में हल्की बारिश में भी मुख्य सडक़ जलमग्न हो जाती है। इसका मुख्य कारण सडक़ और नालियों पर अतिक्रमण है, जिससे पानी की निकासी बाधित होती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे एक बैठक आयोजित की गई। दुकानदारों को भी अपनी निर्धारित सीमा में ही सामान रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यातायात सुचारु रहे और नालियों की सफाई व जल निकासी व्यवस्था बाधित न हो। प्रशासन का मानना है कि अतिक्रमण हटने से बरसात में होने वाले जलभराव से काफी राहत मिलेगी और लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। इस निरीक्षण और कार्रवाई के दौरान पीडब्ल्यूडी विभाग की एसडीओ शुभी गौतम, जनपद पंचायत मझौली की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सीईओ सुरभि श्रीवास्तव और तहसीलदार मड़वास राजेश पारस सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने नागरिकों से सार्वजनिक मार्गों और नालियों को अतिक्रमण मुक्त रखने में सहयोग की अपील की है।
अधिकारियों ने सडक़ और नालियों का किया निरीक्षण –
बैठक के बाद अधिकारियों ने मौके पर जाकर सडक़ और नालियों का निरीक्षण किया और स्थानीय दुकानदारों व निवासियों से चर्चा की। तहसीलदार राजेश पारस ने बताया कि लगभग 21 लोगों को अतिक्रमण हटाने की समझाइश दी गई है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सात दिन के भीतर स्वयं अपना कब्जा हटा लें। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय-सीमा में अतिक्रमण न हटाने पर प्रशासन वैधानिक कार्रवाई करते हुए बलपूर्वक कब्जा हटाएगा।
