सतपुड़ा पॉवर प्लांट में बाहरी मजदूरों की एंट्री से भड़का स्थानीय युवाओं का गुस्सा, उग्र आंदोलन की चेतावनी

सारनी: सतपुड़ा पॉवर प्लांट में बाहरी मजदूरों की एंट्री से भड़का युवाओं का गुस्सा।विधायक के आश्वासन पर सात दिन रुका आंदोलन, अब उग्र प्रदर्शन की चेतावनी। सारनी सतपुड़ा पॉवर प्लांट में 660 मेगावाट सुपर क्रिटिकल पावर प्लांट परियोजना में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का मुद्दा अब बड़े जनआक्रोश का रूप लेता जा रहा है। क्षेत्र में उस समय भारी असंतोष फैल गया, जब चिनार एस.एस.एस. प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बाहरी मजदूरों को प्लांट परिसर में प्रवेश दिया गया। इस घटनाक्रम ने स्थानीय युवाओं के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय युवाओं का आरोप है कि रोजगार के नाम पर केवल आश्वासन दिए गए, जबकि जमीनी स्तर पर बाहरी मजदूरों को प्राथमिकता देकर क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय किया जा रहा है। युवाओं का कहना है कि सारनी और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में योग्य एवं प्रशिक्षित युवा मौजूद हैं, इसके बावजूद बाहरी जिलों और राज्यों से मजदूर बुलाना समझ से परे है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व स्थानीय बेरोजगार युवाओं ने रोजगार की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया था। आंदोलन के दौरान क्षेत्रीय सारनी आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने सार्वजनिक रूप से आश्वासन दिया था कि परियोजना में “70 प्रतिशत स्थानीय और 30 प्रतिशत बाहरी” रोजगार नीति लागू कराई जाएगी। विधायक ने यह भी कहा था कि यदि स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिला तो बाहरी मजदूरों को काम नहीं करने दिया जाएगा और जरूरत पड़ी तो कार्य भी रुकवाया जाएगा।विधायक के इस भरोसे पर युवाओं ने अपना आंदोलन सात दिनों के लिए स्थगित कर दिया था।

लेकिन सोमवार को लगभग 40 से 70 बाहरी मजदूरों के सत्यापन के बाद उन्हें प्लांट परिसर में प्रवेश दिए जाने की खबर सामने आते ही युवाओं का आक्रोश फिर भड़क उठा। युवाओं का कहना है कि इससे उनका विश्वास पूरी तरह टूट गया है।
क्षेत्र के युवाओं ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय रोजगार का मुद्दा केवल राजनीतिक हथियार बन जाता है, लेकिन वास्तविकता में स्थानीय बेरोजगारों की आवाज दबा दी जाती है। युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देते हुए रोजगार नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन और प्रशासन की होगी।

कंपनी के साइड इंचार्ज का कहना है कि
कंपनी का काम चालू हो चुका है। आज लगभग 40 मजदूरों का वेरिफिकेशन कराकर उन्हें अंदर लिया गया है। जैसे-जैसे मजदूरों का वेरिफिकेशन होता जाएगा, वैसे-वैसे उनकी एंट्री होती जाएगी।
अली आजाद, साइड इंचार्ज, चिनार एस.एस.एस. प्राइवेट लिमिटेड

Next Post

सेवानिवृत्ति संबंधी प्रकरण में 10 हजार रुपए रिश्वत लेते बाबू ट्रेप

Tue Jun 9 , 2026
उज्जैन:लोकायुक्त पुलिस की उज्जैन इकाई ने रतलाम जिले के जावरा में एक सहायक ग्रेड-दो कर्मचारी को सेवानिवृत्ति संबंधी दस्तावेज जारी कराने के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है।लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार सेवानिवृत्त उच्च माध्यमिक शिक्षक लक्ष्मीनारायण लोट ने शिकायत की थी कि उनके सेवानिवृत्ति […]

You May Like