ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू से जेयू छात्रों को मिलेंगे अंतरराष्ट्रीय अवसर

ग्वालियर: जीवाजी विश्वविद्यालय की बायोटेक्नोलॉजी अध्ययनशाला ने अमेरिका की ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी (बीवाईयू) के साथ उत्पाद-आधारित अनुसंधान एवं छात्र आदान-प्रदान कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण एमओयू किया है।इस समझौते से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में कार्य करने, संयुक्त शोध परियोजनाओं में भाग लेने तथा वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय से जुड़ने का अवसर मिलेगा। जीव विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष एवं बायोटेक्नोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. समीर एस. भाग्यवंत ने बताया कि यह सहयोग विद्यार्थियों की अकादमिक गुणवत्ता और रोजगार क्षमता को नई ऊंचाई देगा।

उन्होंने बताया कि विभाग का प्लेसमेंट रिकॉर्ड लगातार बेहतर रहा है। यहां से अध्ययन पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को कैडिला फार्मा, रिलायंस बायोटेक, कियाजेन बायोटेक, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और केमवेल बायोफार्मा जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार मिला है। वहीं कई पूर्व छात्र डीबीटी, सीडीआरआई, डीआईपीएएस और डीआरडीई जैसे प्रमुख अनुसंधान संस्थानों में वैज्ञानिक पदों पर कार्यरत हैं।

प्रो. भाग्यवंत ने कहा कि वर्तमान समय में बायोटेक्नोलॉजी तेजी से विकसित होने वाला क्षेत्र है, जिसमें फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि, पर्यावरण संरक्षण और जैव सूचना विज्ञान जैसे क्षेत्रों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। रिसर्च साइंटिस्ट, क्लिनिकल रिसर्च एसोसिएट, बायोइन्फॉर्मेटिक्स एनालिस्ट और क्वालिटी कंट्रोल ऑफिसर जैसे करियर विकल्प युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं।
इनका कहना
“ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी के साथ हुआ यह समझौता हमारे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की रिसर्च और अकादमिक एक्सपोजर प्रदान करेगा। यह सहयोग नवाचार और उत्पाद-आधारित अनुसंधान को नई दिशा देगा।”— प्रो. समीर एस. भाग्यवंत,संकायाध्यक्ष, जीव विज्ञान संकाय, जीवाजी विश्वविद्यालय

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