इंदौर: आईडीए एमआर-11 सड़क लभभग पूरी बना चुका है. उक्त सड़क का सिर्फ 800 मीटर का हिस्सा बनना शेष है. इसी 8 सौ मीटर में बस्ती है, जिसके रहवासी स्वयं हटाने को तैयार हैं, लेकिन बस्ती के तीन-चार बड़े मकान वाले लोगों के कहने पर कबीना मंत्री तुलसी सिलावट सड़क निर्माण रोक कर बैठे है, खास बात यह है कि सिंहस्थ के दौरान शहर में यातायात जाम रोकने से फायदा कैसे मिलेगा?
शहर में मास्टर प्लान की एमआर-11 सड़क बस्ती के 237 बाधक नहीं हटाए जाने से अधूरी बनी हुई है. अधूरी सड़क का लाभ यातायात सुधार में नहीं मिल रहा और आईडीए का पैसा भी फंस गया है. साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सड़क में 8 सौ मीटर का हिस्सा जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट की जिद में अटका हुआ है. 60 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी सड़क अधूरी है, क्योंकि मंत्री सिलावट का क्षेत्र है और उनको वोटर प्रभावित होने का डर है.
वह भी इस स्थिति में जब आईडीए रहवासियों को फ्लैट दे रहा है. आईडीए ने सड़क को लेकर हाईकोर्ट में केवीएट लगा रखी है. आईडीए द्वारा एबी रोड से बायपास तक साढ़े तीन किलोमीटर मास्टर प्लान की एमआर 11 सड़क 80 प्रतिशत से ज्यादा बना ली है. उक्त मास्टर प्लान की सड़क में एक छोटी बस्ती बाधक है, इस कारण सिर्फ 800 मीटर बस्ती का टुकड़ा नहीं बन पा रहा है. उक्त छोटी बस्ती के कारण मास्टर प्लान की उक्त सड़क अधूरी पड़ी है. बस्ती के तीन\-चार रहवासी प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट को गुमराह कर रहे हैं, जिससे शहर के यातायात को सुगमता नहीं मिल रही है।
इसलिए महत्वपूर्ण
उक्त सड़क पर यातायात शुरू होने से देवास नाका के ट्रांसपोर्ट व्यापारियों को राहत मिलेगी. आईडीए द्वारा सिंहस्थ को ध्यान में रखकर एबी रोड से बायपास जाने आने के लिए नई सड़क का निर्माण किया है, जो शहर में भारी वाहनो का दबाव कम करने के साथ यातायात जाम से भी राहत देगी.
मंत्री से संपर्क नहीं
उक्त मामले में मंत्री तुलसी सिलावट से बात करने की कोशिश की गई. दो बार कॉल किया. एक बार व्यस्त आया. दूसरी बार में मंत्री के बजाय अन्य व्यक्ति ने कॉल रिसीव किया और कहा कि बाद में बात करवाता हूं. लेकिन बात नहीं हो पाई.
सिंहस्थ के लिए महत्वपूर्ण होगी सड़कः डॉ झाड़े
आईडीए सीईओ डॉ परीक्षित झाड़े ने कहा कि उक्त सड़क को पूरी करने में बस्ती के रहवासी स्वयं हटने को तैयार हैं, लेकिन बस्ती के तीन-बड़े पक्के मकान वाले सभी को गलत जानकारी दे रहे हैं. आईडीए बस्ती के रहवासियों को फ्लैट दे रहा है और फ्लैट में ढाई-ढाई लाख की सहायता भी करने को तैयार हैं. सीईओ डॉ झाड़े ने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से भी यह सड़क शहर के लिए महत्वपूर्ण है.
वर्तमान में सड़क निर्माण की स्थिति
मास्टर प्लान की यह सड़क 60 मीटर यानी 200 फीट चौड़ी है और इसका करीब 2.7 किलोमीटर से ज्यादा हिस्सा बन चुका है. उक्त सड़क की निर्माण लागत 73 करोड़ रुपए है, जिसमें 60 करोड़ निर्माण में खर्च हो चुके है. इसका ठेका हाइवे इंफ्रास्ट्रख्र को दिया गया है.
