अमेरिका के विरोधाभासी रुख वार्ता में सबसे बड़ी बाधा : ईरान

तेहरान, 07 जून (वार्ता) ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं में सबसे बड़ी समस्या ट्रंप प्रशासन का लगातार बदलता और परस्पर विरोधाभासी रुख है, जिससे बातचीत की प्रक्रिया बेहद जटिल हो गयी है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने रविवार को सीएनएन के वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय संवाददाता फ्रेडरिक प्लाइटगेन से तेहरान में बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान अभी भी पाकिस्तानी मध्यस्थों के माध्यम से जारी है।

श्री बघाई ने कहा, “इस प्रशासन के साथ बातचीत की सबसे बड़ी समस्या यह है कि आपको लगातार बदलते रुख, लक्ष्य बदलने की प्रवृत्ति, अलग-अलग अधिकारियों के अलग और विरोधाभासी बयानों का सामना करना पड़ता है। इससे पूरी प्रक्रिया बेहद कठिन हो जाती है।”उन्होंने कहा कि वार्ता में कई विवादित मुद्दे हैं, लेकिन मुख्य प्रश्न यह है कि अमेरिका को ईरान के अधिकारों को स्वीकार करना होगा, जिसमें परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के तहत शांतिपूर्ण परमाणु संवर्धन का अधिकार भी शामिल है। श्री बघाई ने कहा, “जब वे हमारी अवरुद्ध संपत्तियों की बात करते हैं तो कोई रियायत देने को तैयार नहीं हैं।” ईरान लंबे समय से विदेशी बैंकों में जमी अपनी अरबों डॉलर की संपत्तियों को मुक्त कराने की मांग कर रहा है।

सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका भविष्य में ईरानी हमलों से प्रभावित खाड़ी देशों के पुनर्निर्माण के लिए ईरान की जब्त की गयी संपत्तियों का इस्तेमाल करने की योजना पर विचार कर रहा है। यह जानकारी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की सोच से परिचित एक सूत्र के हवाले से दी गयी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी वित्त विभाग अतीत में हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी ईरानी संपत्तियों के उपयोग की संभावना पर विचार कर रहा है। श्री बघाई ने कहा, “अमेरिका को सिर्फ अपने प्रतिबंध समाप्त करने होंगे। जहां तक प्रतिबंधों और अवरुद्ध संपत्तियों का सवाल है, उन्हें ईरानी संपत्तियों को मुक्त कर ईरानी जनता के लिए उपलब्ध कराना चाहिए।”

उन्होंने अमेरिका पर अप्रैल में लागू हुए युद्धविराम का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया। श्री बघाई ने कहा, “वे होर्मुज जलडमरूमध्य और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में हमारे वाणिज्यिक जहाजों पर हमले कर रहे हैं।” उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा स्थिति बेहद अस्थिर और खतरनाक है तथा इसके लिए अमेरिका का क्षेत्र के प्रति और युद्धविराम के प्रति “लापरवाह रवैया” जिम्मेदार है। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने कहा है कि वह खाड़ी क्षेत्र में “ईरानी आक्रामकता के खिलाफ रक्षा” के लिए तैयार है। अमेरिकी सेना के अनुसार शनिवार रात उसने नौवहन के लिए खतरा बने दो और ईरानी ड्रोन मार गिराए। श्री बघाई ने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल किसी भी हमले का “पूरी ताकत से जवाब देने के लिए दृढ़ और तैयार” हैं।

 

 

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