सीहोर। जिले के भैरूंदा महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक के निलंबन का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि जिला मुख्यालय स्थित प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, चंद्रशेखर आजाद शासकीय नोडल कॉलेज में एक अतिथि विद्वान पर छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप सामने आया है. मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के विरोध प्रदर्शन के बाद कॉलेज प्रबंधन ने संबंधित अतिथि विद्वान को 10 दिनों के लिए सेवा कार्य से अवरोधित (ब्रेक) कर दिया है, जबकि छात्र संगठन दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ है.
जानकारी के अनुसार, कॉलेज की एक छात्रा ने पर्यावरण विभाग में कार्यरत अतिथि विद्वान पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था. मामले के सामने आने के बाद छात्रा और परिजनों ने शिकायत की, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं होने से छात्रों में नाराजगी बढ़ गई. इसके बाद एबीवीपी ने कॉलेज में प्रदर्शन कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की.
विरोध के बाद प्राचार्य डॉ. रोहिताश्व कुमार शर्मा ने जनभागीदारी मद से नियुक्त अतिथि विद्वान को 10 दिनों के लिए सेवा कार्य से अवरोधित करने का आदेश जारी किया. हालांकि छात्र संगठन का कहना है कि केवल अस्थायी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और दोष सिद्ध होने पर स्थायी एवं कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए.
मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने तीन सदस्यीय महिला उत्पीडऩ जांच समिति का गठन किया है. समिति में डॉ. सुमन रोहिला (संयोजक), डॉ. ज्योति नेताम और डॉ. प्रमिला जैन को सदस्य बनाया गया है. समिति को तीन दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. रिपोर्ट आने तक संबंधित अतिथि विद्वान कॉलेज में सेवाएं नहीं दे सकेंगे. एबीवीपी पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कॉलेज प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान नीलू राठौर, खुशहाल मोटवानी, चंचल राजपूत, पलक यादव, रिशिका पटेल मौजूद रहे.
