भोपाल: ट्विशा शर्मा मौत मामले में न्यायिक हिरासत में बंद पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में एक ऐसी महिला कैदी को उनकी बैरक के समीप से हटाकर जेल के दूसरे हिस्से में स्थानांतरित कर दिया गया है, जिसे अतीत में गिरिबाला सिंह की अदालत ने दोषी ठहराया था।
जेल सूत्रों के अनुसार, यह फैसला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े संभावित जोखिमों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। संबंधित महिला कैदी कोमल पांडे का नाम बहुचर्चित मेडिकल एडमिशन धोखाधड़ी और जालसाजी प्रकरण में सामने आया था। इस मामले में गिरिबाला सिंह की अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी।
जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2013 में दर्ज प्रकरण में कोमल पांडे पर एक परिवार को निजी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने का झांसा देकर 37 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगा था। जांच के दौरान उसके एक संगठित ठगी गिरोह से जुड़े होने के भी तथ्य सामने आए थे।
जेल प्रशासन का मानना है कि पूर्व में न्यायिक कार्रवाई का सामना कर चुके किसी कैदी और सजा सुनाने वाले न्यायिक अधिकारी को एक-दूसरे के निकट रखना सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है। इसी वजह से एहतियाती कदम उठाते हुए दोनों को अलग-अलग बैरकों में रखने का निर्णय लिया गया है।
