सतना : जिला पंचायत सभागार में शुक्रवार को स्थाई शिक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई , यह बैठक जिला पंचायत की उपाध्यक्ष एवं स्थाई शिक्षा समिति की पदेन अध्यक्ष सुष्मिता डॉ. पंकज सिंह परिहार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत में पिछली बैठकों के निर्णयों पर किए गए पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई, जिसमें अधिकारियों की लापरवाही पर उपाध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाया। लापरवाह अधिकारियों को थमेगा नोटिस, 1 माह में पूरा करें अनुबंध
अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सहायक संचालक तथा सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक की अनुपस्थिति पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने अत्यंत कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि कलेक्टर के माध्यम से इन संबंधित अधिकारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस भेजा जाए।
इसके साथ ही, सतना और मैहर जिले में संचालित विद्यालयों तथा स्व-सहायता समूहों के बीच लंबे समय से अनुबंध न होने के मामले को भी उपाध्यक्ष ने गंभीरता से लिया। उन्होंने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि आगामी 1 माह के भीतर समस्त विद्यालयों और स्व-सहायता समूहों के मध्य अनुबंध निष्पादन की कार्रवाई अनिवार्य रूप से पूर्ण की जाए।
15 जुलाई से पहले संविलियन, अनुकंपा नियुक्ति के लिए चलेगा अभियान अध्यापकों के संविलियन पर चर्चा करते हुए समिति ने सर्वसम्मति से एक बड़ा निर्णय लिया। शिक्षकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए तय किया गया कि आगामी 15 जुलाई से पूर्व सभी पात्र अध्यापकों का प्राथमिक शिक्षक के रूप में संविलियन कर उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाए।
इसके अलावा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने सचिव और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि विभाग में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए ताकि दिवंगत शिक्षकों के आश्रित परिजनों को जल्द से जल्द नियुक्ति मिल सके।इस महत्वपूर्ण बैठक में स्थाई शिक्षा समिति के सदस्य, सहयोजित सदस्य समेत गिरीश अग्निहोत्री (सचिव एवं जिला शिक्षा अधिकारी), विष्णु त्रिपाठी (जिला स्रोत समन्वयक) सभी विकासखंडों के खंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक संबंधित विभागों एवं जिला पंचायत के अधिकारी व कर्मचारी बैठक का गरिमापूर्ण समापन किया गया
