ग्वालियर: जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम केंद्रीय उपकरण सुविधा केंद्र में “स्टार्टअप अवेयरनेस प्रोग्राम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जीवाजी विश्वविद्यालय इन्क्यूबेशन सेंटर काउंसिल द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्टार्टअप, नवाचार, उद्यमिता एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजकुमार आचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज का युग नवाचार और स्टार्टअप का युग है। विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहकर अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज एवं राष्ट्रहित में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार सृजक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है तथा स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार मिश्रा एवं सह-नोडल अधिकारी डॉ. साधना श्रीवास्तव भी उपस्थित रहीं।कार्यक्रम में संसाधन व्यक्ति के रूप में आईआईआईटीएम ग्वालियर के प्रो. अनुराग श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में स्टार्टअप और नवाचार देश के विकास के महत्वपूर्ण आधार बन चुके हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों पर कार्य करने, समस्याओं के समाधान खोजने एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने “फ्रॉम आइडियाज टू स्टार्टअपस ” विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि किसी भी सफल स्टार्टअप के लिए सही योजना, मार्गदर्शन, नवाचार और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। साथ ही उन्होंने सरकारी स्टार्टअप योजनाओं, इन्क्यूबेशन सेंटर की भूमिका, फंडिंग एवं मेंटरशिप से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
