छतरपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में मधुमक्खी पालन को स्वरोजगार और आय वृद्धि के प्रभावी माध्यम के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र, नौगांव में 3 से 5 जून 2026 तक तीन दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से नवाचार समेकित खेती योजना के अंतर्गत किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, जनपद पंचायत अध्यक्ष हेमलता पाठक तथा शशिकांत अग्निहोत्री ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि मधुमक्खी पालन ग्रामीण आजीविका संवर्धन और स्वरोजगार का प्रभावी साधन है, जिससे किसानों एवं महिला समूहों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
जनपद अध्यक्ष हेमलता पाठक ने इसे कृषि के साथ अपनाया जाने वाला लाभकारी पूरक व्यवसाय बताते हुए किसानों को इस गतिविधि से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। जिला परियोजना प्रबंधक श्याम गौतम ने कहा कि मधुमक्खी पालन महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ राजीव कुमार सिंह ने आधुनिक तकनीकों से गुणवत्तापूर्ण शहद उत्पादन और बेहतर विपणन की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। वहीं वैज्ञानिक (उद्यानिकी) डॉ. कमलेश अहिरवार ने बताया कि मधुमक्खियां फसलों के परागण में अहम भूमिका निभाकर कृषि उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बढ़ाती हैं।
