
भोपाल। मंत्रालय सेवा अधिकारी/कर्मचारी संघ ने मध्यप्रदेश शासन द्वारा राज्य प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सेट) को पुनः शुरू करने की पहल का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही प्रस्तावित नियमों में स्पष्ट और सुव्यवस्थित अपील नीति शामिल किए जाने की मांग भी की है। संघ का कहना है कि तभी सरकारी कर्मचारियों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का उद्देश्य पूरा हो सकेगा।
संघ के अध्यक्ष इंजी. सुधीर नायक ने जारी बयान में कहा कि सेट की स्थापना से हाईकोर्ट पर मामलों का बोझ कम होगा और कर्मचारियों से जुड़े सेवा संबंधी विवादों का अपेक्षाकृत शीघ्र निराकरण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कर्मचारियों के बड़ी संख्या में मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं और भोपाल में ही उनकी सुनवाई होने से समय एवं संसाधनों की बचत होगी।
हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सेट के प्रत्येक निर्णय के विरुद्ध नियमित रूप से अपील दायर की जाती रही तो न्यायिक प्रक्रिया और लंबी हो जाएगी तथा न्यायाधिकरण की स्थापना का मूल उद्देश्य ही प्रभावित हो सकता है।
संघ ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से आग्रह किया है कि सेट के नियमों में स्पष्ट रूप से यह निर्धारित किया जाए कि किन मामलों में अपील की जा सकेगी और किनमें नहीं। साथ ही सुझाव दिया गया है कि यदि कानूनी रूप से संभव हो तो सेट को ऐसा दर्जा दिया जाए, जिससे उसके निर्णयों के विरुद्ध सीधे सुप्रीम कोर्ट में अपील की जा सके और न्यायिक प्रक्रिया की एक अतिरिक्त सीढ़ी कम हो सके।
