
नीमच। उज्जैन जोन का पदभार संभालने के बाद आईजी राकेश गुप्ता पहली बार नीमच पहुंचे। गुरुवार को उन्होंने जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए अधिकारियों की बैठक ली और पुलिस अधिकारियों को विभिन्न मामलों में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
बैठक में डीआईजी निमिष अग्रवाल, एसपी राजेश व्यास, एडिशनल एसपी नवल सिंह सिसोदिया सहित जिले के सभी थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी मौजूद रहे। आईजी ने अधिकारियों के साथ जिले की कानून व्यवस्था, लंबित अपराधों, आगामी त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था और नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा की।
उन्होंने नवागत एसपी के साथ बेहतर समन्वय बनाकर पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
नारकोटिक्स अपराधों पर रहेगा फोकस
आईजी राकेश गुप्ता ने कहा कि नीमच की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए नारकोटिक्स से जुड़े अपराधों पर नियंत्रण उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल नशीले पदार्थों की जब्ती तक सीमित नहीं रहेगी। ऐसे अपराधी जो लगातार इस अवैध कारोबार में शामिल पाए जाते हैं, उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जाएगी।
अवैध संपत्तियों पर भी होगी कार्रवाई
आईजी ने कहा कि मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित संपत्तियों की वित्तीय जांच कर उन्हें चिन्हित किया जाएगा। जांच के आधार पर ऐसी संपत्तियों को फ्रीज करने जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बड़े तस्करों और ड्रग माफिया के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) जैसे कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी, ताकि अवैध नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
सडक़ हादसों को लेकर शुरू होगा अभियान
बैठक में सडक़ सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई। आईजी ने बताया कि सडक़ दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर मदद पहुंचाने के उद्देश्य से नया अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को फर्स्ट-एड का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि हादसे के बाद शुरुआती सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
