फ्लैक्स फ्यूल वाहनों को किफायती बनाने की नीति पर काम कर रही है सरकार : पुरी

नयी दिल्ली, 04 जून (वार्ता) केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि सरकार फ्लैक्स फ्यूल वाहनों को आम लोगों के लिए अधिक किफायती बनाने की दिशा में विभिन्न नीतिगत उपायों पर काम कर रही है। श्री पुरी ने मारुति सुजुकी द्वारा तैयार देश की पहली फ्लै क्स ईंधन कार के अनावरण समारोह को संबोधित करते हुए गुरुवार को कहा कि भारत का भविष्य का परिवहन तंत्र इलेक्ट्रिक वाहनों, जैव ईंधन, हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा के संयोजन पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि फ्लैक्स फ्यूल वाहन कच्चे तेल के आयात को कम करने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और देश के निम्न-कार्बन विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने का व्यावहारिक तथा तुरंत लागू किया जा सकने वाला विकल्प हैं। उन्होंने कहा कि फ्लैक्स फ्यूल वाहन भारत को कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, एथेनॉल की मांग के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने का प्रभावी समाधान प्रदान करते हैं।

देश के विशाल दोपहिया वाहन बाजार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत के पास दुनिया के सबसे बड़े दोपहिया वाहन तंत्रों में से एक है, जहां 30 करोड़ से अधिक सक्रिय वाहन हैं। फ्लैक्स फ्यूल तकनीक देश में परिवहन व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर बदलने की क्षमता रखती है। श्री पुरी ने कहा कि फ्लैक्स फ्यूल आधारित परिवहन व्यवस्था की ओर बड़े पैमाने पर बदलाव से कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी, किसानों को लाभ मिलेगा तथा उपभोक्ताओं के लिए वाहन संचालन और स्वामित्व की लागत कम हो सकेगी। उन्होंने कहा कि हालिया पहलें बड़े पैमाने पर फ्लैक्स फ्यूल आधारित परिवहन व्यवस्था में भारत के प्रवेश का संकेत हैं।

उन्होंने कहा कि भारत अपनी कुल कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग 88.5 प्रतिशत आयात करता है और प्रत्येक भू-राजनीतिक संकट का असर देश की अर्थव्यवस्था तथा ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में एथेनॉल मिश्रण की दर मात्र 1.4 प्रतिशत थी, जो नवंबर 2022 के लक्ष्य से पांच महीने पहले ही 10 प्रतिशत तक पहुंच गई। इसके बाद 2030 के लिए निर्धारित 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य भी छह वर्ष पहले हासिल कर लिया गया। उन्होंने कहा, “इस प्रगति से अब तक 1.84 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है और 302 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के आयात से राहत मिली है , 909 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई है और किसानों को 1.58 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है।” फ्लैक्स फ्यूल वाहनों के प्रसार को बढ़ावा देने के लिए हीरो मोटोकॉर्प ने भारतीय बाजार में स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स के ई-85 अनुकूल संस्करण पेश किए हैं। वहीं मारुति सुजुकी ने फ्लैक्स फ्यूल यात्री वाहन वैगनआर फ्लैक्स फ्यूल का अनावरण किया है, जो ई-20 से ई-100 तक के एथेनॉल मिश्रण पर चलने में सक्षम है।

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