नई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होने वाले नए बी.टेक. पाठ्यक्रम की घोषणा की है। संस्थान ने पारंपरिक और अपेक्षाकृत कठोर शैक्षणिक ढांचे को बदलकर एक लचीला, छात्र-केंद्रित मॉडल तैयार किया है, जिसका उद्देश्य छात्रों को केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि शोध, नवाचार, उद्यमिता और नेतृत्व के लिए भी तैयार करना है।
नए पाठ्यक्रम के तहत छात्र अपने अधिकांश अनिवार्य विषय पांचवें सेमेस्टर तक पूरा कर लेंगे, जबकि अंतिम तीन सेमेस्टर उन्नत ऐच्छिक विषयों, इंटर्नशिप, शोध परियोजनाओं, स्टार्टअप गतिविधियों और अंतरविषयक अध्ययन के लिए समर्पित रहेंगे। चार वर्षीय बी.टेक. कार्यक्रम कुल 160 क्रेडिट का होगा, जिसमें छात्रों को 30 क्रेडिट तक खुले ऐच्छिक विषय चुनने की सुविधा मिलेगी।
पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और राष्ट्रीय क्रेडिट ढांचे के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें अनुभवात्मक शिक्षा, कौशल विकास, शोध और सामाजिक सहभागिता को भी क्रेडिट प्रणाली का हिस्सा बनाया गया है।
आईआईटी रोपड़ ने अंतरविषयक एकीकृत दोहरी डिग्री कार्यक्रम भी शुरू किया है। 7.0 या उससे अधिक सीजीपीए रखने वाले छात्र छठे सेमेस्टर के बाद यह विकल्प चुन सकेंगे। अतिरिक्त एक वर्ष और 40 क्रेडिट पूरे करने पर उन्हें बी.टेक. के साथ डेटा साइंस, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, ऊर्जा प्रणालियां और क्वांटम विज्ञान जैसे क्षेत्रों में एम.टेक. डिग्री भी प्राप्त होगी।
संस्थान ने शोध प्रकाशन, स्टार्टअप गतिविधियों, नेतृत्व भूमिकाओं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों के लिए भी शैक्षणिक क्रेडिट का प्रावधान किया है। साथ ही माइनर डिग्री और विशेषज्ञता प्राप्त करने के स्पष्ट मार्ग तैयार किए गए हैं तथा ब्रांच परिवर्तन प्रक्रिया को भी अधिक सरल बनाया गया है।
नए पाठ्यक्रम में मानविकी, सामाजिक विज्ञान, भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिकता, संचार और जीवन कौशल को भी शामिल किया गया है। एनएसएस, एनएसओ, संगीत और कला जैसी सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां भी अब शैक्षणिक ढांचे का हिस्सा होंगी।
आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव अहूजा ने कहा कि इंजीनियरिंग शिक्षा को बदलती दुनिया की जरूरतों के अनुरूप विकसित होना चाहिए और नया पाठ्यक्रम छात्रों को जटिल समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक अवसर और संसाधन उपलब्ध कराएगा। नए ढांचे के तहत प्रवेश शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू होने वाले बी.टेक. बैच पर लागू होंगे।
