
छतरपुर। मध्य प्रदेश संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले के लगभग 550 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। सीएमएचओ कार्यालय के समीप चल रहे इस धरना-प्रदर्शन में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संविदा कैडर के कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हैं। हड़ताल के कारण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं, विभागीय रिqपोर्टिंग कार्यों और कई योजनाओं के संचालन पर असर पड़ने लगा है।
संघ के जिला अध्यक्ष दीपेश नायक और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ज्योति अहिरवार ने बताया कि आंदोलन में एएनएम, सीएचओ, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, डाटा ऑपरेटर तथा प्रबंधकीय संवर्ग के कर्मचारी शामिल हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में संविदा कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में संविदा स्वास्थ्य नीति-2023 का पूर्ण क्रियान्वयन, सभी संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, नियमित कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता एवं अन्य सुविधाएं प्रदान करना, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (पीबीआई) को वेतन में शामिल करना तथा स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने विरोध का एक अनूठा तरीका भी अपनाया। भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने सीएमएचओ कार्यालय के पास से गुजरने वाले राहगीरों और आम नागरिकों को ठंडा पानी पिलाया। कर्मचारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य जनता को परेशानी पहुंचाना नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 7 जून तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 8 जून से प्रदेशभर के लगभग 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
