टोक्यो | जापान के साइतामा प्रांत में वन भूमि पर बिना अनुमति के मस्जिद बनाने का मामला तूल पकड़ गया है। कावागोए शहर में करीब 4,500 वर्ग मीटर के आरक्षित वन क्षेत्र में यह निर्माण किया गया है, जो जापानी शहरी विकास कानूनों के विरुद्ध है। स्थानीय अधिकारियों ने इस निर्माण को पूरी तरह से अवैध घोषित करते हुए गहरी नाराजगी जताई है। यह क्षेत्र संरक्षित होने के कारण यहाँ किसी भी तरह की व्यावसायिक या धार्मिक गतिविधि के लिए प्रशासन से पूर्व मंजूरी अनिवार्य है।
राजदूत की उपस्थिति से बढ़ा कूटनीतिक दबाव
विवाद तब और गहरा गया जब इस मस्जिद के उद्घाटन समारोह में जापान स्थित पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल हमीद ने व्यक्तिगत रूप से शिरकत की। राजदूत की उपस्थिति ने इस स्थानीय विवाद को एक अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक मोड़ दे दिया है। पाकिस्तानी समुदाय के ही कुछ वरिष्ठ सदस्यों ने भी इस अनधिकृत निर्माण की निंदा की है, उनका मानना है कि ऐसे गैरकानूनी कार्यों से स्थानीय समाज में गलत संदेश जाता है और समुदायों के बीच के संबंध प्रभावित होते हैं।
दूतावास ने दी सफाई
बढ़ते विरोध को देखते हुए पाकिस्तानी दूतावास ने 31 मई को स्पष्टीकरण जारी कर खुद को इस अवैध परियोजना से अलग कर लिया है। दूतावास का कहना है कि राजदूत को आयोजकों ने गुमराह किया था और यह विश्वास दिलाया था कि निर्माण के लिए सभी कानूनी मंजूरियां प्राप्त कर ली गई हैं। दूतावास ने जापान में रहने वाले सभी पाकिस्तानी नागरिकों को स्थानीय कानूनों और नियमों का कड़ाई से पालन करने की सख्त हिदायत दी है।

