सीहोर। कलेक्टर बालागुरू के की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. उन्होंने जिले में संचालित राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, राजस्व सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा आमजन को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
बैठक में राजस्व वसूली, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, भू-अर्जन, लोक सेवा गारंटी, सीएम हेल्पलाइन, सारा पोर्टल, उपार्जन कार्य, ई-विकास के माध्यम से खाद वितरण व्यवस्था तथा फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा की गई. सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व अधिकारियों का मूल कार्य राजस्व प्रकरणों का निराकरण करना है, इसलिए सभी अधिकारी प्राथमिकता से सभी प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान दें. राजस्व संबंधी कार्यों के लिए किसानों और आमजन को परेशान न होना पड़े.
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण किया जाए. उन्होंने 100 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों को विशेष अभियान चलाकर समाप्त करने तथा शिकायतों के निराकरण प्रतिशत में सुधार लाने के निर्देश दिए. बैठक में बताया कि राजस्व विभाग से संबंधित कुल 671 शिकायतों में से 72 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि राजस्व अधिकारियों के स्तर पर 100 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों की संख्या में कमी लाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है.
बैठक में फार्मर रजिस्ट्री कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों का पंजीयन कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए तथा किसी भी पात्र किसान का नाम छूटने न पाए. उन्होंने भू-अर्जन प्रकरणों तथा ई-विकास के माध्यम से खाद वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए. कलेक्टर ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आमजन से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करें तथा शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें. बैठक में संयुक्त कलेक्टर सुश्री वंदना राजपूत, रविंद्र परमार सहित राजस्व अधिकारी उपस्थित थे.
