पांच दिनों में गर्भावस्था समाप्त कर डीएनए रखें सुरक्षित

जबलपुर। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक जैन ने बलात्कार पीड़ित नाबालिग किशोरी की गर्भावस्था पांच दिनों में समाप्त किये जाने के आदेश जारी किये है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि गर्भावस्था समाप्त करने के दौरान भ्रूण का डीएनए सुरक्षित रखा जाये। जिसका इस्तेमाल अपराध की जांच में किया जाएगा।

मंडला जिला न्यायालय के द्वारा नाबालिग बलात्कार पीडित की गर्भावस्था समाप्त किये जाने की अनुमति के लिए हाईकोर्ट में प्रकरण भेजा गया था। जिसमें कहा गया था कि आरोपी के खिलाफ संबंधित पुलिस थाने में पास्को सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। एकलपीठ ने संज्ञान याचिका की सुनवाई करते हुए बलात्कार पीडित की मेडिकल रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किये किये थे।

मेडिकल बोर्ड द्वारा हाईकोर्ट में पेश की गयी रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए हाईकोर्ट ने पाया कि पीड़ित की उम्र 17 साल है और 11 मई 2026 की गयी जांच के अनुसार उसकी गर्भावस्था 5 हफ्ते 4 दिन थी। बोर्ड की राय है कि गर्भावस्था को इस चरण में मेडिकल तरीके से खत्म करना सुरक्षित रूप से संभव है।

एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि वर्तमान में पीड़िता की गर्भावस्था का समय 7 से 8 हफ्तों के बीच है। गर्भवती महिला यौन उत्पीड़न की शिकार है। पीडित गर्भावस्था समाप्त किये जाने के पक्ष में है। एकलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए मेडिकल तरीके से पीडित की गर्भावस्था पांच दिनों में खत्म करने का निर्देश जारी किये है। संबंधित जिला अस्पताल पीडित को सभी मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाये। भ्रूण का डीएनए सुरक्षित रखा जाए,जिसके उपयोग अपराध की जांच में किया जाएगा।

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