ब्यावरा: नगर में पेयजल सप्लाई के मुख्य स्रोत कुशलपुरा स्थित फिल्टर प्लांट में नपा द्वारा सफाई कार्य किया जा रहा है, पोकलेन द्वारा की जा रही सफाई के दौरान यहां से काफी मात्रा में मिट्टी निकल रही है.उल्लेखनीय है कि इंदौर मे दूषित पानी पीने से हुई मौतों की घटना के बाद जिले में भी नगरीय निकायों द्वारा पेयजल की शुद्धता को लेकर व्यापक कदम उठाए जा रहे है. ब्यावरा नपा द्वारा पेयजल लाईनों की जांच की जा रही है. वर्तमान में कुशलपुरा स्थित फिल्टर प्लांट में सफाई कार्य किया जा रहा है. यहां पोकलेन के द्वारा सफाई की जा रही है.
आठ दिन लग सकते है सफाई कार्य में
फिल्टर प्लांट में एलम का उपयोग किया जाता है, इससे मिट्टी नीचे बैठ जाती है. करीब दो साल बाद फिल्टर प्लांट की सफाई का कार्य होना बताया जा रहा है. फिल्टर प्लांट में लगभग दो दर्जन ट्रॉली मिट्टी होने की संभावना है, सफाई कार्य में करीब आठ दिन लग सकते है. विदित है कि फिल्टर प्लांट की क्षमता 8.75 एमएलडी यानि प्रतिदिन 87 लाख 50 हजार लीटर पानी साफ करने की बताई जाती है.
सार्वजनिक पानी टंकियों की भी हो सफाई
नपा द्वारा फिल्टर प्लांट की सफाई का कार्य किया जाना अच्छी बात है, इसी प्रकार नगर में ट्यूबवेल के यहां स्थित नपा की सार्वजनिक पानी टंकियों की भी सफाई का कार्य किया जाना चाहिए. जानकरी के अनुसार कई जगह लम्बे समय से टंकियों की सफाई नहीं हुई है. कई जगह टंकियों के आसपास भी कीचड़, पानी जमा देखा जा सकता है.
