
सिंगरौली। देवसर बार एसोसिएशन के वर्ष 2026-28 के कार्यकारिणी चुनाव पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर ने अंतरिम रोक लगा दी है। उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने अधिवक्ताओं के सदस्यता मामले के संबंधित एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि अगली सुनवाई तक बार एसोसिएशन देवसर, जिला सिंगरौली के पदाधिकारियों के निर्वाचन संबंधी समस्त चुनावी कार्यवाही स्थगित रहेगी। यह याचिका दिवाकर लाल जायसवाल बनाम मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद एवं अन्य में 1 जून को पारित किया गया। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा एवं न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लई की खंडपीठ ने की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन सिंह ने पक्ष रखा।
सदस्यता सूची का मामला
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से न्यायालय को बताया गया कि वे तथा उनके समान स्थिति वाले अन्य अधिवक्ता देवसर बार एसोसिएशन के सदस्य हैं। हालांकि, एक आदेश के माध्यम से उनके नाम बार एसोसिएशन की सदस्यता सूची से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। याचिकाकर्ता का कहना था कि यदि उक्त आदेश लागू हो जाता है तो वे किसी भी बार एसोसिएशन के सदस्य नहीं रह जाएंगे, जिससे उनके पेसेवर एवं वैधानिक अधिकार प्रभावित होंगे।
याचिकाकर्ता की दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए अंतरिम राहत प्रदान की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की अगली सुनवाई तक देवसर बार एसोसिएशन के चुनाव से संबंधित कोई भी आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
चुनाव प्रक्रिया पर लगा विराम
उच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद अधिवक्ता संघ देवसर की वर्ष 2026-28 की कार्यकारिणी के गठन के लिए चल रही निर्वाचन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से विराम लग गया है। चुनाव कार्यक्रम के तहत होने वाली सभी आगामी गतिविधियां अब न्यायालय के अगले आदेश तक स्थगित रहेंगी।
अधिवक्ताओं में चर्चा का विषय
देवसर बार एसोसिएशन में सदस्यता मामले में व्याप्त असंतोष को लेकर उस पर हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अधिवक्ता समुदाय में व्यापक चर्चा है। अब सभी की निगाहें जुलाई में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां न्यायालय सदस्यता का मामला और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर आगे विचार करेगा।
