
भोपाल। मप्र में प्री-मानसून के सक्रिय होने से सोमवार को मौसम का मिजाज बदला रहा है. जून महीने के शुरुआत के पहले दिन भीषण गर्मी से लोगों को राहत महसूस हुई. दोपहर के समय तक सूरज और बादलों की आंख मिचौली के बाद बादलों के छाने से हवा में ठंडक का एहसास हुआ. भोपाल में शाम के करीब 4 बजे के बाद मौसम पूरी तरह ठंडा रहा. इस दौरान कहीं कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई. इंदौर में धूल भरी आंधी चली. आंधी चलने से कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के पोल भी गिर गए. इसके साथ प्रदेश के मंदसौर, नीमच, छतरपुर और टीकमगढ़ में तेज हवाओं के चलने और वज्रपात की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया था.
मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश, तूफान और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने 5 जून तक प्रदेश के अलग -अलग जिलों में मौसम का मिजाज बदले होने की स्थिति के बारे में अवगत कराया है. बारिश और आंधी को लेकर अरेंज अलर्ट जारी किया गया है. संभावना जताई गई है कि राजगढ़, आगर, बड़वानी और धार जिले में मंगलवार को कहीं कहीं बारिश और तेज आंधी चल सकती है. इसके साथ ही 3 जून को राजगढ़, उज्जैन, शाजापुर और आगर में, 4 जून को श्योरपुरकलां, भिंड और मुरैना जिले में भारी बारिश और आंधी चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है. इन जिलों में मौसम विभाग ने अरेंज अलर्ट जार किया है. 5 जून को मौसम में होने वाले बदलाव को लेकर संभावना बनी है. प्रदेश के अधिकांश के जिलों में 5 जून को एलो अलर्ट जारी किया गया है.
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक आगामी 2-3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के पूर्व अरब सागर के कुछ और भागों, लक्षद्वीप क्षेत्र, केरल एवं तमिलनाडु के कुछ भागों, दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य एवं उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और भागों तथा दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के शेष भागों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं. उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश एवं उसके आसपास के क्षेत्र पर 3.1 से 7.6 किमी समुद्र तल से ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण के रूप में विद्यमान पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है. मध्य पाकिस्तान एवं उसके आसपास के क्षेत्र पर स्थित ऊपरी वायु का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है तथा अब यह समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊँचाई पर स्थित है. उत्तर-पूर्व राजस्थान एवं उसके आसपास के क्षेत्र पर समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊँचाई पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण स्थित है. दक्षिण पाकिस्तान तथा उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊँचाई पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण स्थित है. पूर्वी विदर्भ एवं उससे सटे छत्तीसगढ़ के ऊपर स्थित ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण अब दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश एवं उसके आसपास के क्षेत्र पर स्थित है तथा यह समुद्र तल से 1.5 किमी तक विस्तृत है. एक नया पश्चिमी विक्षोभ 3 जून से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है.
