नयी दिल्ली, 01 जून (वार्ता) सरकार द्वारा आधार वर्ष 2022-23 पर आधारित औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की नयी श्रृंखला के अंतर्गत सोमवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2026 में औद्योगिक उत्पादन में सालाना आधार पर 4.9 की वृद्धि दर्ज की गयी।
पिछले वर्ष इसी माह औद्योगिक वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत और इस वर्ष मार्च में 3.2 प्रतिशत थी।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार औद्योगिक उत्पादन सूचकांक अप्रैल, 2026 में बढ़ कर 118.9 अंक रहा जो अप्रैल 2025 में था। इस वर्ष अप्रैल में विनिर्माण क्षेत्र की उत्पादन वृद्धि 6.2 प्रतिशत रही, जबकि बिजली और गैस अपूर्ति क्षेत्र का उत्पादन 4.9 प्रतिशत और सीवरेज एवं अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र का उत्पादन 6.6 प्रतिशत रहा। आलोच्य माह में खनन एवं खनन उत्पाद क्षेत्र का उत्पादन एक साल पहले से 5.1 प्रतिशत घट गया। रिपोर्ट के मुताबिक आलोच्य माह में विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहा और 23 में से 17 उद्योग समूहों के उत्पादन में सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की गयी। मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर निर्माण उद्योग की वृद्धि दर 12.7 प्रतिशत, विद्युत उपकरण निर्माण क्षेत्र की वृद्धि 19.2 प्रतिशत और मशीनरी एवं उपकरण निर्माण उद्योग की वृद्धि 12.9 अप्रैल में प्राथमिक वस्तु उद्योग की वृद्धि 0.8 प्रतिशत, पूंजीगत वस्तु उद्योग की 16.0 प्रतिशत तथा मध्यवर्ती वस्तुएं बनाने वाले क्षेत्र की वृद्धि 7.7 प्रतिशत रही। इस दौरान अवसंरचना/निर्माण क्षेत्र से जुड़ी वस्तुओं का उत्पादन सालाना आधार पर 7.1 प्रतिशत ऊंचा रहा, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु उद्योग की वृद्धि 4.3 प्रतिशत तथा गैर-टिकाऊ उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र की वृद्धि 2.8 प्रतिशत रही। सरकार का कहना है कि पूंजीगत वस्तुओं में 16 प्रतिशत की वृद्धि निवेश गतिविधियों और औद्योगिक विस्तार का संकेत देती है। अवसंरचना और निर्माण क्षेत्र की 7.1 प्रतिशत वृद्धि निर्माण गतिविधियों में मजबूती दर्शाती है। इसी तरह उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं की वृद्धि घरेलू मांग में सुधार का संकेत है। आईआईपी की नयी श्रृंखला में 463 वस्तु समूह शामिल किये गये हैं, जिनमें 120 नये समूह जोड़े गये हैं। नये शामिल किये गये उत्पादों में डेबिट कार्ड,क्रेडिट कार्ड, सीसीटीवी कैमरा कैमरे, स्टेंट वैक्सीन, विमान एवं अंतरिक्ष यान के पुर्जे दुर्लभ मृदा, जल आपूर्ति और अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी उत्पाद भी शामिल हैं।
साइकिल ट्यूब, केरोसिन, फ्लोरोसेंट ट्यूब, प्रिंटिंग मशीनरी और सिलाई मशीन आदि को नयी श्रृंखला में नहीं रखा गया है।
उद्योग मंडल एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल कुमार मिंडा ने कहा कि पूंजीगत वस्तु क्षेत्र में 16 प्रतिशत की वृद्धि अत्यंत उत्साहजनक है और यह देश में बढ़ते निवेश तथा मजबूत समग्र मांग का संकेत देती है।
उन्होंने कहा, “ मध्यवर्ती वस्तुओं में 7.7 प्रतिशत, अवसंरचना/ निर्माण वस्तुओं में 7.1 प्रतिशत और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं ) में 4.3 प्रतिशत की वृद्धि भविष्य में आर्थिक गतिविधियों और जीडीपी वृद्धि को समर्थन प्रदान करेगी। ”
श्री मिंडा ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के पहले महीने में मजबूत औद्योगिक गतिविधि देखना संतोषजनक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उद्योग जगत के प्रयासों और सरकार के निरंतर सहयोग एवं समर्थन के बल पर आने वाले महीनों में भी औद्योगिक विकास की यह गति बनी रहेगी।
