तेहरान, 01 जून (वार्ता) ईरान और अमेरिका ने मौजूदा संघर्ष को समाप्त करने के लिए संभावित समझौते में एक ऐसा प्रावधान शामिल किया है,ताकि इस समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के माध्यम से कानूनी सुरक्षा मिल सके। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, “हम अभी भी सामान्य प्रावधानों पर चर्चा कर रहे हैं। इन 14 बिंदुओं में एक प्रावधान यह भी है कि यदि कोई समझौता होता है, तो उसे सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का रूप लेना चाहिए ताकि उसे कानूनी सुरक्षा मिल सके।”
राजनयिक ने यह भी कहा कि ईरान ऐसा नहीं मानता कि केवल सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव ही समझौते के लागू होने की गारंटी होगा, क्योंकि ईरान अतीत में इसके विपरीत अनुभव कर चुका है।
इस बीच, कुवैत द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमलों की एक श्रृंखला की रिपोर्टों के बाद, श्री बघाई ने क्षेत्रीय ठिकानों और संपत्तियों पर जवाबी कार्रवाई करने के ईरान के अधिकार का बचाव किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “पड़ोसी देशों के ठिकानों से शुरू की गई अमेरिकी हमले के खिलाफ आत्मरक्षा के अपने अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए ईरान को दोषी ठहराने वाला यूरोपीय संघ (ईयू) का बयान चुनिंदा नैतिक आक्रोश का एक उदाहरण है, यह पाखंडी और लापरवाही भरा है।”
श्री बघाई ने कहा, “यूरोपीय संघ को कानून के शासन और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उन सिद्धांतों के प्रति वफादार रहना चाहिए जिनका वह लंबे समय से समर्थन करने का दावा करता आया है। उसे हमलावरों को खुश करना बंद करना चाहिए और उन लोगों को दोष देना बंद करना चाहिए जो अवैध हमलों का जवाब दे रहे हैं।” प्रवक्ता ने जोर देकर कहा, “देशों का यह स्थापित कानूनी दायित्व है कि वे अपने क्षेत्र या संपत्ति का उपयोग दूसरे देशों पर आक्रमण करने के लिए न होने दें।” उन्होंने स्पष्ट कहा कि ईरान को अपने खिलाफ हमले करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले क्षेत्रीय ‘ठिकानों और संपत्तियों’ पर जवाबी हमले करने का पूरा अधिकार है।

