नई दिल्ली | मध्य-पूर्व एशिया में बढ़ते तनाव और इजरायल-लेबनान के बीच फिर भड़की सैन्य गतिविधियों का असर वैश्विक तेल बाजारों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। सोमवार को शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी कच्चे तेल (WTI) की कीमत 89.73 डॉलर और ब्रेंट क्रूड 93.28 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई है। इस अचानक आई तेजी ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
इजरायल द्वारा लेबनान में सेना को आगे बढ़ने के आदेश ने सीजफायर की उम्मीदों को करारा झटका दिया है। हालांकि वाशिंगटन में हाल ही में शांति वार्ता आयोजित की गई थी, लेकिन ताजा सैन्य कार्रवाई ने निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया है। इसके अतिरिक्त, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर अनिश्चितता और ईरान से संबंधित परमाणु कार्यक्रम के विवादों ने आपूर्ति श्रृंखला में और देरी की संभावना पैदा कर दी है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस आपूर्ति होर्मुज मार्ग से होकर गुजरती है, जिसके पूरी तरह न खुलने से वैश्विक संकट और गहरा सकता है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ युद्धविराम विस्तार की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं, लेकिन क्षेत्र में बिगड़ते हालात समाधान की राह को कठिन बना रहे हैं। यदि आपूर्ति मार्ग बाधित रहते हैं और संघर्ष का दायरा बढ़ता है, तो आम उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में बढ़ोत्तरी का सामना करना पड़ सकता है।

