नयी दिल्ली, 01 जून (वार्ता) कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी होने के बाद कांग्रेस के राज्यसभा उपनेता और सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार पर जनता की जेब पर डाका डालने का आरोप लगाते हुए कहा है कि एक तरफ प्रधानमंत्री मन की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी सरकार गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाकर आम लोगों पर आर्थिक बोझ डाल रही है।
श्री तिवारी ने सोमवार को कहा कि 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की वृद्धि कर दी गई है। इसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 3113.50 रुपये और कोलकाता में 3255.50 रुपये पहुंच गई है। उन्होंने यह भी कहा कि 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर के दाम में 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे छात्रों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों पर सीधा असर पड़ेगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि जनवरी से जून के बीच 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में कुल 1560 रुपये और 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में 323 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने इसे “लूट का सिलसिला” बताते हुए कहा कि सरकार लगातार जनता पर महंगाई का बोझ डाल रही है।
श्री तिवारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 116 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं, इसके बावजूद एलपीजी के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता की जेब काट रही है और लोग इस स्थिति को भली-भांति समझ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि गैस कंपनियों ने 1 जून से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की बढ़ोतरी की है। इससे पहले 1 मई को भी कमर्शियल सिलेंडरों के दाम बढ़ाए गए थे। नयी कीमतें लागू होने के बाद होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसायों की लागत बढ़ने की संभावना है।

