
जबलपुर। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने पत्रकारवार्ता के दौरान बताया कि स्वच्छता फीडबैक के मामले में जबलपुर ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा स्वच्छ सर्वेक्षण में रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम का पूरा अमला मैदानी स्तर पर पूरी तत्परता से जुटा हुआ है। महापौर ने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस मौके पर उन्होंने बताया कि नगर निगम जबलपुर के 16 संभाग के अंतर्गत 79 वार्ड हैं, समस्त वार्डो में डोर टू डोर कचरा संग्रहण एवं परिवहन किया जा रहा है, सफाई कार्य हेतु प्रतिवार्ड औसतन 40 सफाई कर्मी निर्धारित हैं, डोर टू डोर में कार्यरत सफाई श्रमिक हेल्पर की संख्या 526 है एवं मॉनिटरिंग हेतु 39 कुशल कर्मचारी लगे हुए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग में सहायक आयुक्त 1, सहायक यंत्री 1, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी 4, मुख्य स्वच्छता निरीक्षक 15, स्वच्छता निरीक्षक 16, वार्ड सुपरवाईजर 79, सहायक वार्ड सुपरवाईजर 30, सफाई संरक्षक नियमित$संविदा 793, एवं हाउटसोर्स के माध्यम से 3919 सफाई संरक्षक हैं।
इन उपकरणों से सुदृढ़ हो रही सफाई व्यवस्था
महापौर के अनुसार नगर निगम के पास सफाई कार्यो के लिए 400 टिपर वाहन, 20 जेसेबी, 23 हिटाची मशीन, 16 पॉवर स्प्रे, 10 डम्फर, 10 मिनी डम्फर, 28 ट्रेक्टर ट्राली, 10 रोड़ स्वीपिंग मशीन, 8 जेटिंग मशीन, 1 सुपर सकर मशीन, 2 डम्प टैंक, 3 टाटा 200 चेन माउंटेन मशीन, 2 टाटा 110 चेन काउंटेन मशीन, 1 टाटा 70 चेन माउंटेन मशनी, 1 डोजर मशीन, 6 लिटर पिकर, 2 3 इन 1 जेटिंग रॉडिंग ग्रैबिंग मशीन, 25 मोबाइल टॉयलेट, 17 काम्पेक्टर, 4 व्हीकल माउंटेड फॉगिंग मशीन, 48 पोर्टेबल फॉगिंग, 1 वीड हार्वेस्टर/फ्लोटिंग थ्रेट स्किमर (तालाब सफाई हेतु) आदि वाहन एवं मशीने हैं। जिससे लगातार शहर की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ होती जा रही है।
शहर का सौंदर्गीकरण-बैकलेन टू बेस्टलेन
महापौर ने पत्रकारवार्ता में ये भी कहा कि अक्सर घरों के पीछे की गलियां उपेक्षित रहती थीं। हमने बैकलेन टू बेस्टलेन अभियान चलाकर शहर की 162 से अधिक गलियों की सूरत बदल दी है। आज ये गलियां कचराघर नहीं, बल्कि सुंदर पेंटिंग्स और हरियाली के साथ सेल्फी पॉइंट बन चुकी हैं। इसके साथ ही शहर के पार्कों, प्रमुख चैराहों (जैसे आदि शंकराचार्य चैक, साइंस कॉलेज चैराहा) को फव्वारों और लाइटिंग से सजाया गया है।
मां नर्मदा के घाटों और जलाशयों का संरक्षण
महापौर ने कहा कि नर्मदा जी हमारी जीवनदायिनी हैं। ग्वारीघाट और तिलवाराघाट पर विशेष थीम आधारित पेंटिंग, आधुनिक शौचालय, चेंजिंग रूम और लगातार सफाई की व्यवस्था की गई है। इस साल जबलपुर पहली बार रिवर टाउन एसेसमेंट में हिस्सा ले रहा है। तालाबों को साफ रखने के लिए विशेष लेक क्लीनिंग टीम तैनात है।
जलसंकट से मिली है राहत
जलसंकट से राहत और जल सुनवाई की अनूठी पहल
महापौर ने बताया कि पिछले साल शहरवासियों को पेयजल संकट से बड़ी राहत मिली है, इस साल और बड़ी राहत मिल रही है, क्योंकि नगर निगम द्वारा पाइप लाइन विस्तार, टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति, नए बोरिंग और कनेक्शन देने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। नागरिकों की पानी से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए एक विशेष पहल की जा रही है। पत्रकारवार्ता के दौरान महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू के साथ अध्यक्ष रिंकू विज, एम आई सी सदस्य डॉ सुभाष तिवारी, विवेक राम सोनकर, दामोदर सोनी, अंशुल राघवेंद्र यादव, रजनी कैलाश साहू, पार्षद अनुराग दहिया आदि उपस्थित रहे।
